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शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाकर उसे गर्भवती करने के मामले में आरोपी पवन कुमार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया। युवती का आरोप था कि आरोपी पहले से शादीशुदा था और उसने यह बात छिपाते हुए उससे शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा।
वहीं फोरेंसिक रिपोर्ट में पीड़िता की डेढ़ साल की बेटी का पवन से डीएनए मैच हो गया था। हालांकि बचाव पक्ष ने कोर्ट में साबित कर दिया कि युवती पहले से जानती थी कि पवन शादीशुदा है और वह अपनी मर्जी से उसके उसके साथ रह रही थी।
सेक्टर-34 पुलिस थाने में पीड़िता ने 25 नवंबर, 2014 को केस दर्ज करवाया था। पुलिस को शिकायत में कहा गया था कि वह सेक्टर-34 में एक कॉल सेंटर में काम करती थी। वर्ष 2006 में उसी कॉल सेंटर के बाहर उसकी सेक्टर-40ए निवासी पवन से जान पहचान हुई। उसने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताया। शिकायतकर्ता के अनुसार पवन ने उसे अच्छी नौकरी लगवाने की बात कही और कुछ दिन बाद उसे सेक्टर-34 में ही एक प्राइवेट कंपनी में लगवा दिया। इसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। इसी दौरान पवन ने शिकायतकर्ता के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा। युवती के अनुसार उस समय पवन ने उससे कहा था कि वह तलाकशुदा है। इसके बाद दोनों ने कालका के एक मंदिर में शादी कर ली।
शादी के बाद वह मोहाली फेज-3 में रहने लगे। इसक कुछ समय बाद ही युवती गर्भवती हो गई। इसके बाद उन्हें एक बेटी भी हुई। इससे पहले प्रेगनेंसी के दौरान पवन की मां उससे मिली और बताया कि पवन पहले से शादीशुदा है। आरोप के अनुसार इसके बाद पवन के परिवार की ओर से उसे धमकाया जाने लगा। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
बचाव पक्ष की दलील:
बचाव पक्ष के वकील यादविंदर सिंह संधू ने अदालत में दलील दी कि शिकायतकर्ता ने पहले एसएसपी को दी शिकायत में मेंटिनेंस शुरू करवाने की अपील की थी। उस पर एसएसपी स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के बाद उसने पवन के खिलाफ दुराचार की शिकायत दर्ज करा दी। इसके अलावा उसे पहले से पता था कि पवन शादीशुदा है। इसके बावजूद वह अपनी मर्जी से उसके साथ रह रही थी। यह बात उसने क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान मानी भी थी कि उसे पहले से पता था कि पवन शादीशुदा है।