नौकरी के बहाने विवाहिता को घर बुलाकर उससे दुराचार करने वाले झारखंड निवासी रंजीत को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 7 साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट ने यह जुर्माना बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। रंजीत के खिलाफ दुराचार की धाराओं के तहत सेक्टर-3 पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।
मामला पिछले साल फरवरी का है। सेक्टर-9 डी में एक कोठी में काम करने वाले रंजीत की मुलाकात डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति और उसकी पत्नी से हुई थी। वह वहां काम की तलाश में आए थे।
रंजीत ने उन्हें बताया कि अभी उसके मालिक शहर में नहीं हैं, जैसे ही वह आएंगे तो उनसे बात करके उसकी पत्नी को हिमाचल में नौकरी लगवा देगा। इसके बाद उन्होंने रंजीत का मोबाइल नंबर ले लिया।
20 फरवरी को महिला के पति ने रंजीत को फोन किया तो उसने उन्हें 3 बजे कोठी पर आने को कहा। करीब 2:30 बजे वह उसके पास पहुंच गए।
जब वह कोठी पहुंचे तो वहां रंजीत जिस सर्वेंट क्वार्टर में रहता था, उन्हें वहां ले गया। रंजीत ने उन्हें बताया कि अभी उसके मालिक और उनके रिश्तेदार बाहर गए हैं। उसने उन्हें इंतजार करने को कहा। शाम 7 बजे जब वह नहीं आए तो रंजीत महिला के पति को बाहर ले गया और दोनों ने अहाते में शराब पी।
इसके बाद रंजीत ने महिला के पति को वहीं छोड़ दिया और खुद घर आ गया। यहां वह मालिक से मिलवाने के बहाने महिला को अपने कमरे में ले गया और उससे दुराचार किया। इसके बाद जब उसका पति वहां पहुंचा तो महिला ने उसे सारी बात बताई। इसके बाद दोनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसी दिन रात को रंजीत को गिरफ्तार कर लिया था।