अवैध कालोनी के प्लॉट काट कर बेचने के आरोप में एडिशनल चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) संजीता की अदालत ने स्थानीय विधायक जोगिंदर पाल जैन को एक साल की कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही उनकी पत्नी स्वर्ण लता जैन (पूर्व प्रधान नगर काउंसिल) बेटे अक्षित जैन और बेटी रोहिणी को भी एक साल की कैद की सजा दी गई है।
सभी को 1500 रुपये का जुर्माना भी किया गया है। अदालत ने जमानती बांड मंजूर कर सभी को रिहा कर दिया। इसी मामले में विधायक के दूसरे बेटे पुनीत जैन को अदालत भगौड़ा करार दे चुकी है।
पंजाब शहरी विकास योजना (पुड्डा) के जूनियर इंजीनियर मुखत्यार सिंह की शिकायत पर थाना महिना में 26 अगस्त 2007 को विधायक जोगिंदर पाल जैन, उनकी पत्नी स्वर्ण लता जैन (पूर्व प्रधान नगर काउंसिल) दोनों बेटे अक्षित जैन और पुनीत जैन के अलावा विवाहिता बेटी रोहिणी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पुड्डा विभाग ने अपनी शिकायत में कहा था कि विधायक परिवार ने मोगा-लुधियाना मार्ग स्थित बरनाला चौक के पास 29 कनाल 17 मरले जमीन खरीद कर बाद में (पुड्डा) एक्ट 1995 का उल्लंघन कर अनाधिकृत कालोनी विकसित करने के मकसद से प्लाट काट कर बेचे थे।
इस मामले की सुनवाई के दौरान पुड्डा ने अदालत में अर्जी दायर की थी कि राज्य सरकार अनाधिकृत कालोनियों को कंपाउंड करने के लिए नई नीति लाई है।
इस नीति के अंतर्गत इस कालोनी को रेगुलर करने संबंधी अर्जी दी गई है और 25 प्रतिशत रकम भी जमा करवा दी है। पुड्डा के केस को लंबित रखने के लिए दी अर्जी अदालत ने खारिज कर दी थी और केस की सुनवाई जारी रखी थी।
मामले की सुनवाई दौरान जैन की अर्जी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह केस मोगा से फरीदकोट की अदालत में तबदील कर दिया था। इस दौरान 21 फरवरी 2012 को विधायक जैन का बेटा पुनीत जैन अदालत से आज्ञा लेकर कनाडा चला गया था लेकिन फिर नहीं लौटा।
इसके बाद फरीदकोट की अदालत ने 31 मई 2013 को पुनीत जैन के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। इस दौरान जैन की अर्जी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह केस फिर से फरीदकोट से मोगा की अदालत में तबदील कर दिया।
यहां तत्कालीन ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट सुमन अग्निहोत्री की अदालत ने प्राथमिक कार्रवाई के बाद पुनीत जैन को भगौड़ा करार दिया था। पिछले वर्ष पुनीत जैन कनाडा से लौटा लेकिन जेल भेजे जाने के डर से अदालत में पेश नहीं हुआ और फिर कनाडा चला गया।
सोमवार को अदालत में बड़ी संख्या में जैन समर्थक इकट्ठा थे और जैन को भी उम्मीद थी कि अदालत का फैसला उनके पक्ष में आऐगा। वह बाहर अपने समर्थकों के साथ फोटो खिंचवा रहे थे, लेकिन फैसला उनके खिलाफ आया।
विधायक जोगिंदर पाल जैन ने दिसंबर 2012 में कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा देकर शिरोमणि अकाली दल का दामन थाम लिया था। बाद में उन्होंने 23 फरवरी 2013 को अकाली दल के झंडे नीचे उपचुनाव जीता था।