सात साल की बच्ची से दुराचार के प्रयास के मामले में दोषी सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी लाल बहादुर (20) को 7 साल की कैद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला ने सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सेक्टर-8 स्थित एक कोठी में बतौर सर्वेंट काम करने वाली महिला की शिकायत पर बीते साल मई में सेक्टर-3 थाने में केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने लाल बहादुर के खिलाफ दुराचार का प्रयास और पाक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस में दी शिकायत के अनुसार वह सेक्टर-8 में एक कोठी में काम करती थी और वहीं सर्वेंट क्वार्टर में रहती थी।
10 मई को सुबह उसके पास उनका रिश्तेदार लाल बहादुर आया। सुबह करीब सात बजे वह अपनी सात साल की बेटी और पांच साल के बेटे को कमरे में लाल बहादुर के पास छोड़कर कोठी में काम करने चली गई। उस समय उसका पति भी काम पर गया हुआ था।
महिला के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे जब वह काम निपटाकर कमरे में पहुंची तो देखा कि लाल बहादुर उसकी बेटी से दुराचार का प्रयास कर रहा था। इस पर उसने शोर मचाया और कोठी के मालिक को बुलाया। हालांकि इस दौरान लाल बहादुर वहां से फरार हो गया।
इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। बच्ची के कोई जख्म नहीं होने पर उसकी मां ने उसका मेडिकल करवाने से इंकार कर दिया था। पुलिस ने केस दर्ज कर लाल बहादुर को यूपी से ही गिरफ्तार किया था।