चंडीगढ़ की एक नाबालिग के अपहरण और उससे दुराचार के मामले में पानीपत निवासी नरेंद्र उर्फ गोलू (22) को कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 58 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले कोर्ट ने उसे 15 जनवरी को दोषी करार दिया था।
नरेंद्र के खिलाफ मनीमाजरा थाने में दिसंबर 2014 में अपहरण, दुराचार और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। मौलीजागरां निवासी पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि नरेंद्र उसे 7 जुलाई 2012 को शादी का झांसा देकर स्कूल के बाहर से ले गया था। उस समय वह 10वीं में थी।
नरेंद्र उसे वहां से पानीपत स्थित गांव बिहोली ले गया। वहां उसने उसे 2 साल तक जबरन घर में कैद रखा। वह आए दिन शराब पीकर उससे मारपीट करता था। साथ ही उसके भाई-बहन को जान से मारने की धमकी भी देता था।
पीड़िता के अनुसार अक्तूबर 2014 को वह किसी तरह से उसके चंगुल से भागकर चंडीगढ़ आई और पुलिस को शिकायत दी। बचाव पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता बालिग थी और मर्जी से नरेंद्र के साथ गई थी। इसे साबित करने के लिए उन्होंने उसका पहचान पत्र कोर्ट में पेश किया।
साथ ही कहा कि वह नरेंद्र से शादी करके रह रही थी। इस संबंध में फोटोग्राफ का भी हवाला दिया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने पीड़िता की जन्मतिथि 1997 बताई थी, लेकिन कोर्ट ने घटना के वक्त पीड़िता को नाबालिग माना था।