छेड़छाड़ और पुलिस कस्टडी से आरोपी को किडनैप करने के मामले में फरार चल रहे रहे निलंबित आईजी गौतम चीमा ने अग्रिम जमानत के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
मंगलवार को जिला अदालत में उनके वकील ने दोनों मामलों में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। एडिशनल सेशन जज तरसेम मंगला ने याचिका की सुनवाई करते हुए मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर तय की है। साथ ही मामले में पुलिस को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि आईजी को दोनों मामलों में गलत फंसाया गया है। ऐसा कर उनके सर्विस कैरियर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है, जबकि इन मामलों की शिकायतकर्ता क्रिस्पी खैहरा कॉलोनाइजर दविंदर गिल की पत्नी हैं। दोनों पर कई थानों में धोखाधड़ी समेत विभिन्न केस दर्ज हैं।
वहीं सुमेध गुलाटी उनका बिजनेस पार्टनर है। उस पर भी कई मामले दर्ज हैं। अदालत में सभी केस का ब्योरा भी रखा गया। जिक्रयोग है कि पहले मामले में क्रिस्पी खैहरा की शिकायत पर एसपीडी जीएस ग्रेवाल ने जांच की थी।
क्रिस्पी ने शिकायत में कहा था कि 20 मार्च को सेक्टर-70 स्थित उनके घर पर आईजी चीमा और अजय चौधरी नशे में धुत होकर आए थे। उनके साथ उनकी महिला मित्र भी थी। वे लोग दरवाजा तोड़कर उनके घर में जबरन घुसे थे। इसके बाद उनके पति दविंदर गिल को बंधक बनाया गया। साथ ही वहां मौजूद सुमेध पर पिस्टल तान दी। इसके बाद क्रिस्पी से कथित छेड़छाड़ की गई।
यह है दूसरा मामला
क्रिस्पी ने आरोप लगाया था कि आईजी गौतम चीमा 26 अगस्त को उनके पति के मित्र सुमेध गुलाटी को पुलिस कस्टडी से निकालकर मैक्स अस्पताल ले गए थे। वहां पर उन्होंने गुलाटी को पीटा और उसे अपना मुंह बंद रखने को कहा। इस मामले में थाना फेज-1 में मामला दर्ज है।