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जेल जाते ही डॉ. हरेंद्र पाल ने दिया इस्तीफा

Thu, 14 Nov 2013 09:24 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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जेल जाते ही डॉ. हरेंद्र पाल सिंह ने हरियाणा लोक सेवा आयोग के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया।
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इस्तीफा मुख्य सचिव के पास वीरवार सुबह पहुंचा। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पास यह इस्तीफा भेज दिया है। मुख्यमंत्री इसे राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया के पास मंजूरी के लिए भेजेंगे।

पलवल की अदालत ने 13 नवंबर को हत्या के प्रयास में डॉ. हरेंद्र पाल को सात साल की सजा सुनाई थी। हालांकि जिस दिन सरकार ने उन्हें हरियाणा लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाया था, उसके अगले दिन इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने विरोध जताया था।
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एक प्रेस कांफ्रेंस में चौटाला ने कहा था कि डॉ. हरेंद्र पाल सिंह और उनके साथियों के खिलाफ 24 मार्च, 2008 को एफआईआर नंबर-121 धारा 148, 149, 323, 307, 452, 506  और आर्म्स एक्ट के तहत पलवल सिटी थाने में हत्या के प्रयास का मामला मुकेश राजपूत की शिकायत पर दर्ज हुआ था।
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एक और एफआईआर 31 मार्च, 2009 को दर्ज हुई थी। प्रेस कांफ्रेंस में शिकायतकर्ता के परिजनों ने हरेंद्र पाल की नियुक्ति का विरोध किया था।

साथ में आरोप लगाया था कि प्रदेश सरकार के दबाव में पुलिस ने हरेंद्र पाल सिंह को दोनों मामलों से बाहर निकालने के भरपूर प्रयास किए थे। इसलिए उन्होंने अदालत में इस्तगासा दायर किया था।

चौटाला ने कहा कि अब अदालत ने हत्या के प्रयास मामले में सजा सुनाई है। जबकि हत्या के मामले में आरोप तय होने या न होने का मामला अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी स्वच्छ छवि के व्यक्ति को सदस्य बनाने के बजाए डॉ. हरेंद्र पाल को संवैधानिक पद से नवाजकर मर्यादाओं को तार-तार किया था।

उन्होंने कहा कि चूंकि हरेंद्र पाल जेल जा चुके हैं, इसलिए उन्हें फौरन उनके पद से हटाया जाए।
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