जांबिया की महिला तस्कर केल्था ट्वाला मामले में अब नया खुलासा हुआ है। सूत्रों का दावा है कि ट्वाला अपने पेट में ड्रग्स के पचास कैप्सूल पाकिस्तान से लाई थी। इनमें से 28 कैप्सूल फटने से उसकी मौत हो गई। मामले में इंटरनेशनल गैंग के शामिल होने की बात भी कही जा रही है।
सूत्रों से पता चला है कि 25 जून को ट्वाला दिल्ली-लाहौर बस में बैठकर दोपहर दो बजे वाघा बॉर्डर पहुंची थी। वहां पर उसकी चेकिंग कस्टम विभाग ने की। शाम 5 बजे जब वह लाहौर बॉर्डर पहुंची और इंटरनेशनल तस्करों से मिली। यहीं उसने ड्रग्स के पचास कैप्सूल एक-एक करके निगल लिए।
किसी को शक न हो, इसके लिए पाकिस्तान इमीग्रेशन अधिकारियों से साठगांठ कर पासपोर्ट पर डिपोर्ट का ठप्पा लगवा लिया और सारी रात जीरो लाइन पर घूमती रही। सुबह जब भारत के सुरक्षा कर्मियों ने देखा तो वह जानबूझकर बेहोश हो गई ।
इसके बाद उसे 26 जून को गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां पेट में ही 28 कैप्सूल ब्लास्ट होने से उसकी मौत हो गई। पता चला है कि महिला तस्कर की योजना इन कैप्सूलों को भारत में तस्करों को सप्लाई करने की थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने में प्रशासन की आनाकानीः
केल्था ट्वाला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट डॉक्टरों ने तैयार कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार प्रशासन इसे लेने में आनाकानी कर रहा है, क्योंकि प्रशासन को पता चल चुका है कि विदेशी महिला की मौत कैप्सूल ब्लास्ट होने से हुई है। इसमें सुरक्षा एजेंसियों की चूक भी साफतौर पर दिखाई दे रही है।
जांबिया हाईकमीशन को देंगे रिपोर्टः
केल्था ट्वाला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट डिवीजनल मजिस्ट्रेट (डीएम) दिल्ली में स्थित जांबिया हाईकमीशन को सौंपेंगे। डीएम किसे नियुक्त किया गया है, प्रशासन ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है।
कस्टम विभाग की जांच सवालों के घेरे में
अंतर्राष्ट्रीय वाघा बॉर्डर पर जो भी यात्री सीमा लांघ कर पाकिस्तान जाता है या फिर पाकिस्तान से भारत आता है, उसके दस्तावेज सहित शारीरिक जांच तक की जाती है। फिर भी केल्था पाकिस्तान से पेट में कैप्सूल लेकर भारत पहुंच गई। इससे वाघा बॉर्डर पर कस्टम की जांच पर सवालिया निशान लग रहा है।
मौत के साथ दफन हो गए कई राज
केल्था की मौत से यह बात हमेशा के लिए राज बनकर रह गई कि ये कैप्सूल किसे और कहां सप्लाई किए जाने थे।