हिसार के भगाना गांव में दो सगी बहनों सहित चार दलित लड़कियों को अगवा करने और एक के साथ सामूहिक दुराचार के मामले में पुलिस की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले यह घटना कोई सियासी मुद्दा न बन जाए, इसलिए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, मामले में एससी आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए हिसार प्रशासन से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी एसएन वशिष्ठ ने इस मामले में पुलिस को पूरी तरह से निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने हिसार के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वे वीरवार शाम तक इस मामले में रिपोर्ट पेश करें। उन्होंने दलितों के साथ घट रही ऐसी घटनाओं पर नाराजगी जताई है।
मालूम हो कि 23 मार्च को हिसार के गांव भगाना में दलित समाज की दो सगी बहनों सहित चार नाबालिग लड़कियों को नशीला पदार्थ खिलाकर अगवा किया गया था।
गांव के ही कुछ युवक और उनके दोस्त शाम को घर से घूमने निकलीं चारों लड़कियों को जबरदस्ती गाड़ी में बिठा लिया था।
इसमें से एक लड़की के साथ सामूहिक दुराचार किया गया और अन्य तीन के साथ छेड़छाड़ की गई। वहीं मेडिकल रिपोर्ट में एक लड़की के साथ दुराचार की पुष्टि हुई है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने कहा कि इस मामले में संज्ञान लेते हुए मैंने हिसार के पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही आयोग की ओर से उचित कार्रवाई की जाएगी।