हाईकोर्ट का क्लर्क नौकरी दिलाने के नाम पर शर्मनाक 'बिजनेस' कर रहा था और बेरोजगारों को ठग रहा था। पंचकूला डिस्ट्रिक कोर्ट से डेपुटेशन पर हाईकोर्ट आए एक क्लर्क पर लाखों की ठगी करने का मामला दर्ज किया है।
ईओडब्ल्यू द्वारा की गई जांच के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 420, 406, 468 व एक अन्य धारा के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, किशनगढ़ निवासी विनोद डोगरा पंचकूला कोर्ट में रिक्रूटमेंट सेल में क्लर्क पद पर कार्यरत था।
कुछ साल पहले उसे डेपुटेशन पर हाईकोर्ट भेजा गया था। इसी दौरान उसने हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से पैसे लिए। इनमें से एक पीड़ित राजेश चौहान ने थाने में शिकायत दी और ईओडब्ल्यू से मामले की जांच कराने के बाद मामला दर्ज किया गया।
अब तक 15 को बना चुका ठगी का शिकार
पुलिस के अनुसार, करीब एक महीने पहले राजेश चौहान ने विनोद डोगरा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पंचकूला कोर्ट में एक एडवोकेट के साथ बतौर मुंशी काम करने वाले राजेश ने पुलिस को बताया कि कुछ महीने पहले विनोद डोगरा ने हाईकोर्ट में अपनी अच्छी पकड़ बताकर नौकरी दिलवाने के नाम पर उससे व उसके दो अन्य दोस्तों से कुल 11 लाख रुपये लिए।
इसके बाद वेरिफिकेशन व मेडिकल के नाम पर चक्कर कटवाने लगा। शक होने पर सभी ने किसी के माध्यम से हाईकोर्ट में नौकरी के बारे में जानकारी ली, जिसमें पता चला कि अभी यहां कोई वेकेंसी नहीं है। राजेश चौहान का आरोप है कि आरोपी विनोद डोगरा ने अब तक 15 लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।
फरार है आरोपी क्लर्क
ईओडब्ल्यू इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह ने बताया कि सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इस मामले की जांच 26 फरवरी को सौंपा था। कागजी एड्रेस के आधार पर पुलिस ने विनोद डोगरा की पंचकूला सेक्टर-26 में तलाश की, लेकिन वहां लॉक लगा था।
हाईकोर्ट से पता चला कि वह छुट्टी पर है। इसी बीच अंबाला से एक एक्सिडेंट की खबर आई, जिसमें घायल व उसके पिता का नाम मिला। तफ्तीश की गई, लेकिन वह कोई अन्य व्यक्ति था। आरोपी विनोद डोगरा जांच के समय से ही फरार है।