पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नौकरानी से दुराचार के मामले में दोषी बिजनेसमैन मंजीत सिंह अरोड़ा की याचिका को रद कर दिया है।
मंजीत ने जिला अदालत के एक जज के नाम पर दो लोगों द्वारा उससे 25 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया था और मामले को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने को कहा था।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में जिला अदालत मंजीत सिंह को सजा सुना चुकी है, लिहाजा याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाता। याची सजा के खिलाफ अपील दाखिल कर सकता है।
चंडीगढ़ निवासी मंजीत सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जिला अदालत में चल रहे मामले के पंजाब एवं हरियाणा की किसी अदालत में स्थानांतरित करने के आग्रह किया था।
बाद में उसने इसी मामले में एक अपील भी दाखिल की जिसमें कहा गया कि दो बिचौलियों ने उसके मामले का उसके पक्ष में निपटारा करवाने के लिए जिला अदालत के एक जज के नाम पर 50 रुपये की मांग की है।
याचिका में कहा गया कि उनकी मांग पर उन्होंने बिचौलियों को 25 लाख रुपये दे दिए हैं। उधर, जिला अदालत दुराचार के मामले में मंजीत सिंह अरोड़ा को 12 साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना चुकी है।
इसके साथ ही लोअर कोर्ट ने पीड़िता को एक लाख रुपये हर्जाना देने के भी आदेश जारी किए हैं।