प्रेमी शादीशुदा है फिर भी महिला उसके साथ संबंध में रही, ऐसे में अब शादी का झांसा देकर दुष्कर्म की दलील को स्वीकार नहीं किया जा सकता। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली पीड़िता की याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
याचिका दाखिल करते हुए पीड़ित महिला ने बताया कि आरोपी अक्सर उसका पीछा करता था और उसे परेशान करता था। जब याची ने इसके बारे में पुलिस को शिकायत देने की धमकी दी तो आरोपी ने कहा कि वह आत्म हत्या कर लेगा। धीरे-धीरे वह उससे मिलने लगा और एक दिन संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा।
पीड़िता ने इससे साफ इनकार कर दिया। इसके बाद एक दिन आरोपी ने पीड़िता को नशीला पदार्थ खिला दिया और संबंध बनाने का प्रयास किया । पीड़िता नशे में होने के कारण इसका विरोध नहीं कर सकी। इसके बाद बार-बार वह पीड़िता को अपने पास बुलाने लगा।
उसने पीड़िता को वादा किया कि वह उससे ही विवाह करेगा। इसके बाद अचानक पीड़िता को पता चला कि आरोपी का विवाह हो चुका है। पीड़िता ने इसके बाद जब दूरी बनाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उसे धमकाना आरंभ कर दिया।
कहा कि यदि इस बारे में किसी को बताया तो उसे जान से मार देगा। पीड़िता ने कहा कि एक दिन उसकी हरकतों से परेशान होकर 2018 में जींद में एफआईआर दर्ज करवा दी। इस मामले में ट्रायल चला और ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को बरी करने का आदेश जारी कर दिया।
पीड़िता न इसी फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में कहीं भी पीड़िता का विरोध दिखाई नहीं दिया। यहां तक की आरोपी का विवाह होने के बाद भी पीड़िता ने उससे संबंध बनाए रखे।
साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब पीड़िता को पता था कि अब आरोपी विवाहित है और उसका विवाह नहीं हो सकता तो भी संबंध बनाए रखना पीड़िता के खिलाफ जाता है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने पीड़िता की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।