सीएलयू की एवज में पांच करोड़ रुपये की मांग को लेकर जारी सीडी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होगी।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए हैं कि सरकार दो सप्ताह के भीतर सीएफएसएल जांच का रिकॉर्ड हाईकोर्ट में पेश करे।
सीएफएसएल इस कांड में जारी सीडी को खंगाल रही है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के वकील ने कहा कि सीएफएसएल जांच की रिपोर्ट देखने के बाद ही कोई कदम उठाया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से मामले में कोई एफआईआर दर्ज कराने या फिर इस मामले की कोई अलग से जांच चलने के बाबत पूछताछ की थी।
सनद रहे कि इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की ओर से एक सीडी जारी की गई थी, जिसमें मुख्य संसदीय सचिव(सीपीएस) राम किशन फौजी को जमीन की सीएलयू कराने की एवज में पांच करोड़ रुपये की मांग करते हुए दिखाया गया है।
सीडी प्रकरण के बाद इसकी जांच की मांग की गई और मामले को हरियाणा लोकायुक्त के बाद भेजा गया था। यह मामला विधानसभा में भी प्रमुखता से उठा।
लोकायुक्त पहले ही सीपीएस राम किशन फौजी पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की सिफारिश कर चुके हैं।
हरियाणा सरकार ने लोकायुक्त को पुनर्विचार अपील भेजी, लेकिन लोकायुक्त ने मामले में अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उनके पास पुनर्विचार का अधिकार नहीं है।
इस मामले में फौजी ने हाईकोर्ट का रुख किया और याचिका दायर कर कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती एफआईआर दर्ज न की जाए।