नाबालिग को किडनैप कर दुराचार के करने के दोषी ने खुद को नाबालिग बताया है। इस संबंध में उसने कोर्ट में शुक्रवार को अर्जी भी दाखिल की।
शुक्रवार को ही उसकी सजा पर फैसला होना था, लेकिन फिलहाल उसे टाल दिया गया। अब नाबालिग वाले मामले की सात फरवरी से सुनवाई शुरू होगी।
नाबालिग को किडनैप कर उससे दुराचार करने के आरोपी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने वीरवार को दोषी करार दिया था।
किडनैपिंग का मामला पिंजौर थाने में 22 अप्रैल को दर्ज हुआ था। 30 जुलाई को लड़का-लड़की को नेपाल बॉर्डर के नजदीक के गांव से बरामद किया गया था।
लड़के पर रेप का भी मामला दर्ज हुआ। मेडिकल जांच में पता चला कि लड़की गर्भवती है, जिसका बाद में गर्भपात कराया गया। आरोप पिंजौर निवासी लड़के पर है, जिसने शादी का झांसा देकर 22 अप्रैल को नाबालिग का किडनैप कर लिया था।