नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने चंडीगढ़ सेक्टर-10 ग्रेनेड हमले के मामले में एक अहम आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह हमला विदेश-आधारित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के इशारे पर किया गया था।
एनआईए ने पंजाब निवासी अभिजोत सिंह उर्फ बाब्बा उर्फ गोपी को आरोपी बनाया है। अभिजोत को इसी साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। अब एनआईए ने उसके खिलाफ पूरक चार्जशीट विशेष एनआईए अदालत चंडीगढ़ में दाखिल की है।
यह हमला एक सेवानिवृत्त पंजाब पुलिस अधिकारी को निशाना बनाने के लिए रचा गया षड्यंत्र था। पूरी साजिश पाकिस्तान स्थित बीकेआई आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने रची थी। इसमें अमेरिका-स्थित गैंगस्टर हैप्पी पासिया भी शामिल था। एनआईए की जांच के अनुसार, पासिया हथियारों, विस्फोटकों और फंडिंग की व्यवस्था करता था।
एनआईए ने बताया कि रिंदा और पासिया को पहले ही भगोड़ा घोषित कर चार्जशीट किया जा चुका है। वहीं दो अन्य आरोपी रोहन मसीह और विशाल मसीह को भी पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान अभिजोत सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई।
जांच में खुलासा हुआ कि अभिजोत दिसंबर 2023 में आर्मेनिया गया था, जहां उसकी मुलाकात पासिया के आतंकी गिरोह से जुड़े शमशेर शेरा से हुई। शेरा ने ही अभिजोत को पासिया के गिरोह में शामिल किया। भारत लौटने के बाद, अभिजोत ने जुलाई 2024 में अपने साथियों के साथ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की रेकी की और उसे मारने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। बाद में सितंबर 2024 में रोहन और विशाल ने ग्रेनेड हमला अंजाम दिया। एनआईए ने कहा है कि वह अब भी अन्य आरोपियों और सहयोगियों की तलाश में जुटी है, जो इस हमले में लॉजिस्टिक सपोर्ट और हथियार उपलब्ध कराने में शामिल थे।