स्वामी देवीदयाल ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल संस्थान गोलपुरा के हॉस्टल में कांगड़ा (हिमाचल) निवासी बीडीएस थर्ड ईयर की छात्रा के खुदकुशी करने के बाद शुक्रवार को छात्राओं में संस्थान में जबरदस्त तोड़फोड़ की। उन्होंने दर्जनों गमले और शीशे तोड़ दिए।
आरोप था कि प्रिंसिपल से छुट्टी मंजूर होने के बावजूद हास्टल वार्डन ने छात्रा को छुट्टी नहीं दी। इसी तरह अन्य विद्यार्थियों को भी प्रताड़ित किया जाता रहा है।
इसी वजह से छात्रा सचिका ने हास्टल के कमरे में ही पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। इसलिए वार्डन को हटाया जाए। विद्यार्थियों द्वारा यह आरोप लगाने के बाद प्रबंधन ने वार्डन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
उधर, सचिका के पिता ने भी संस्थान में प्रताड़ना की वजह से बेटी के आत्महत्या करने का आरोप लगाते हुए रायपुररानी पुलिस को शिकायत दे दी है।
हास्टल की छात्राएं सुबह से दोपहर एक बजे तक संस्थान के चेयरमैन, उप चेयरमैन व महासचिव के आने का इंतजार करती रहीं, लेकिन जब वे मौके पर नहीं पहुंचे तो उग्र छात्राओं ने रिसेप्शन गेट के बारह के शीशों व गमलों को तोड़ना शुरू कर दिया।
संस्थान प्रबंधन से सूचना पाकर पुलिस पहुंची। इसके बाद छात्राएं संस्थान के मेट गेट के बाहर बैठकर संस्थान व हॉस्टल वार्डन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने किसी को संस्थान के अंदर या बाहर नहीं आने-जाने दिया।
हंगामा बढ़ा, फिर मौके पर पहुंचे प्रधान
पहले तोड़फोड़, फिर प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद संस्थान के प्रधान मोती लाल जिंदल, अशोक जिंदल व अमित जिंदल संस्थान के मेन गेट पर पहुंचे और हॉस्टल की छात्राओं ने वार्डन शिप्रा को हटाने की मांग की। उन्होंने छात्राओं की मांगें मान ली।