बीड़ घग्गर में रहने वाली एक छात्रा को बहला-फुसलाकर किडनैप कर दुष्कर्म करने के दोषी को स्थानीय अदालत से 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई।
किडनैपिंग के लिए जहां सात साल कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं दुष्कर्म में दस साल का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। बता दें कि सभी सजा एक साथ चलेंगी। मामला गत वर्ष सितंबर माह में चंडीमंदिर थाने में दर्ज हुआ था।
केस के मुताबिक गांव बीड़ घग्गर निवासी छात्रा को किडनैप करने के आरोप नीरज व उसके पिता अशोक पर लगे थे। छात्रा के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नीरज अपने परिजनों की मदद से उनकी बच्ची को तंत्र-मंत्र करके स्कूल के रास्ते से अपहरण करके ले गया था।
4 सितंबर को नीरज व उसके पिता अशोक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। तीन दिन बाद छात्रा चंडीगढ़ सेक्टर-32 से बरामद हुई थी। मौके से ही नीरज व उसके साथियों को पकड़ा गया था।
छात्रा के मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि होने के बाद नीरज के खिलाफ रेप का भी मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने नीरज के साथ उसके पिता अशोक को भी आरोपी बनाया था, लेकिन उस पर आरोप साबित नहीं हो सके। जिसके चलते उसे बरी कर दिया गया।