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गीतांजलि मर्डर: सीजेएम रवनीत गर्ग 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

Wed, 14 Sep 2016 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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गीतांजलि मर्डर केस में सीजेएम रवनीत गर्ग गिरफ्तार - फोटो : फाइल फोटो
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बहुचर्चित गीतांजलि मर्डर केस में सीबीआई कोर्ट ने मुख्यारोपी सीजेएम रवनीत गर्ग को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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5 दिन का रिमांड खत्म होने पर सीबीआई ने आज सीजेएम रवनीत गर्ग को सीबाआई कोर्ट पंचकूला में पेश किया था। पिछली पेशी में सीबीआई को 5 दिन का रिमांड मिला था। 

बचाव पक्ष के वकील ने कहा सीबीआई को रिमांड के दौरान कोई रिकवरी नहीं हुई। कोर्ट ने मुख्यारोपी सीजेएम रवनीत गर्ग को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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गौरतलब है कि बीते बृहस्पतिवार को सीबीआई ने मुख्यारोपी सीजेएम रवनीत गर्ग को कैथल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया, जहां से पांच दिन के रिमांड पर भेजने के आदेश हुए।

किस आधार पर सीजेएम को किया गिरफ्तार?

गीतांजलि मर्डर केस में सीजेएम रवनीत गर्ग गिरफ्तार - फोटो : फाइल फोटो
सीबीआई ने अदालत को बताया कि वर्ष 2013-14 में आरोपी गर्ग से अवैध कारतूस बरामद हुए थे। इसके बाद मुख्यारोपी सीजेएम रवनीत गर्ग का पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाया गया था। उसकी रिपोर्ट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। 

आरोपी से अब हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करना है। साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करनी है। अदालत ने इस आधार पर आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया। गौरतलब है कि 17 जुलाई 2013 को गीतांजलि की हत्या की गई थी। 

गीतांजलि के परिजनों ने उसके पति सीजेएम रवनीत गर्ग पर हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों की शिकायत पर सीजेएम रवनीत गर्ग और उनकी मां समेत अन्य पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

गीतांजलि के पिता ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि वह सीबीआई की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी गीतांजलि की हत्या रवनीत गर्ग और उनके परिवार ने ही की है। जिस प्रकार से सीबीआई कार्य कर रही है, उससे सच्चाई सामने आ जाएगी।

टाइमलाइन

Geetanjali murder case - फोटो : अमर उजाला
18 जुलाई, 2013 : गीतांजलि का पोस्टमार्टम हुआ, रिपोर्ट में शव में गोलियों के तीन निशान पाए जाने का खुलासा
, डीसीपी वेस्ट ने एसआईटी का गठन किया।
19-20 जुलाई : पुलिस ने रवनीत गर्ग, उनकी मां रचना गर्ग और पिता केके गर्ग के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया

20 जुलाई: एसआईटी ने रवनीत गर्ग से चार घंटे तक पूछताछ की

21 जुलाई : सीजेएम के घर में एसआईटी का सर्च अभियान, चचेरी बहन हिना, मां रचना गर्ग का बयान दर्ज
 सीजेएम का मोबाइल, लैपटॉप, रिवाल्वर का लाइसेंस, बची हुई 19 गोलियां जब्त की गई
 गीतांजलि के भाई प्रदीप अग्रवाल ने दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई।

गीतांजलि को न्याय मिलने में तीन साल से अधिक का समय लग गया है। बता दें कि गुड़गांव में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। गीतांजलि के परिजनों ने पति रवनीत गर्ग पर उसकी हत्या का आरोप लगाया था। 

तीन साल पहले गीतांजलि के भाई प्रदीप अग्रवाल ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया था कि उसके बहनोई रवनीत गर्ग ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर उसकी बहन की हत्या कर दी है। 

पुलिस ने हत्या व दहेज हत्या का मामला दर्ज कर 19 दिन तक जांच की। जांच के दौरान पुलिस पर उठने वाले सवाल और मौके पर आरोपी पति रवनीत गर्ग की मिली रिवाल्वर के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जांच सीबीआई को सौंप दी।
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क्या है मामला 

गीतांजलि मर्डर केस में सीजेएम रवनीत गर्ग गिरफ्तार - फोटो : फाइल फोटो
सीबीआई की जांच कराने की मांग को लेकर लोगों ने आरोपी पति की कोठी से कैंडल मार्च निकाला। फेसबुक पर गीतांजलि को न्याय दिलाने की मुहिम चली। जिसमें 13,100 लोग सदस्य भी हैं। 

इस दौरान पुलिस ने एसीपी अशोक बख्शी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच करायी। भाई प्रदीप अग्रवाल ने आरोपी पर सबूत नष्ट करने का आरोप भी लगाया। 

क्या है मामला 

पुलिस ने सीजेएम रहे रवनीत गर्ग के दो लैपटॉप जब्त किये थे। 

पुलिस लाइन में मौके से मिली रिवाल्वर से तीन गोली नहीं बल्कि छह गोलियां चलीं थीं। 

परिजनों ने बताया कि रवनीत गर्ग की चाहत थी कि उसे एक बेटा हो जबकि उसे दो बेटियां थीं। 

पिता ने कहा था कि गीतांजलि के बच्चों की फीस वह देता है। 

एसआईटी को 10 नंबर कोठी से उसके रिश्तेदार व परिजन से पूछताछ के दौरान अहम सुराग मिल थे। 

सीबीआई ने एसआईटी के लोगों का दर्ज किया था बयान।
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