गऊ रक्षा दल प्रमुख सतीश कुमार और उसके भाई समेत तीन लोगों को राजपुरा पुलिस ने शनिवार देर शाम यूपी में वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया। रविवार को आरोपियों को राजपुरा में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
राजपुरा सिटी थाना इंचार्ज गुरजीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पर्चे में जिन दो और गो रक्षकों को नामजद किया गया है, उनकी तलाश की जा रही है। बाकी अज्ञात गो रक्षकों के बारे में पुलिस रिमांड के दौरान सतीश कुमार से जानकारी हासिल करेगी।
दिव्यांग को भी बुरी तरह से पीटने का वीडियो सामने आया है
gau raksha dal
- फोटो : amar ujala
गौरतलब है कि राजपुरा पुलिस ने सतीश कुमार समेत 24 गो रक्षकों के खिलाफ आठ अगस्त को सिटी थाने में केस दर्ज किया था। इन पर आरोप थे कि गो रक्षा के नाम पर इन्होंने पशुओं को लेकर जाने वाले वाहनों के चालकों से बुरी तरह से मारपीट की, उनके साथ लूटपाट की और यहां तक कि कुछ के मुंह पर पेशाब तक किया।
एक दिव्यांग को भी इन लोगों द्वारा बुरी तरह से पीटने का वीडियो सामने आया है। दल के सदस्य गो रक्षा के नाम पर लोगों को धमकियां भी देते थे। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। केस दर्ज होने के बाद से सतीश कुमार अपने साथियों के साथ फरार था।
गुरप्रीत उर्फ हैपी और काला ज्वैलर की तलाश की जा रही है
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राजपुरा सिटी थाना इंचार्ज गुरजीत सिंह ने बताया कि शनिवार देर शाम सतीश कुमार, उसके भाई अरुण कुमार अनु और कपिल गौरी को पुलिस ने वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया। केस के दो और आरोपियों गुरप्रीत उर्फ हैपी और काला ज्वैलर की तलाश की जा रही है।
इंचार्ज गुरजीत सिंह ने बताया कि सतीश कुमार को धारा 377 के तहत भी नामजद कर लिया गया है, क्योंकि राजपुरा कोर्ट के सामने सहारनपुर से आए केस के दो पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि सतीश कुमार ने उनके साथ अप्राकृतिक ढंग से संबंध बनाए थे। एक पीड़ित ने बताया है कि सतीश व उसके साथी जबरन उसे राजपुरा में गो शेल्टर ले गए, जहां उसके साथ गलत काम किया गया।