सुक्खा काहलवां हत्याकांड में नामजद जालंधर के रहने वाले सूरज लहौरिया और बलदेव ने सरेंडर कर दिया है। बलदेव की जहां गौंडर से नजदीकियां थीं वहीं सुक्खा काहलवां का जानी दुश्मन था।
कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों ने बलदेव व सूरज लहौरिया के कई रिश्तेदारों को हिरासत में लिया हुआ था। दोनों पर दबाव बढ़ता जा रहा था। इसकी कारण बलदेव और सूरज लहौरिया ने सरेंडर कर दिया। दोनों से सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी गई है।
पुलिस को आशंका है कि दोनों के संबंध गौंडर गिरोह से हैं। गौंडर की दुश्मनी सुक्खा काहलवां से थी और सुक्खा काहलवां बलदेव को ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहा था। इसी कारण बलदेव व गौंडर में दोस्ती हो गई। पुलिस टीमें अब बलदेव के जरिए गौंडर गिरोह के सदस्यों की पहचान करने में जुट गई है। गौंडर गिरोह पर सुक्खा काहलवां को नेशनल हाईवे पर मारने का आरोप है।
गौंडर गिरोह के सफाये तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
अमेरिका से लौटे सुक्खा काहलवां के पिता दर्शन सिंह का कहना है कि उनके बेटे को पुलिस ने साजिश के तहत मरवाया है। वह तब तक अपने बेटे का संस्कार नहीं करेंगे जब तक गौंडर गिरोह का सफाया नहीं हो जाता। पिता दर्शन सिंह ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि छह पुलिस मुलाजिमों को खरोंच भी न आए और उनके बेटे को दर्जनों गोलियां मार दी जाएं। अमेरिका से लौटे दर्शन सिंह का कहना है कि वह संस्कार नहीं करेंगे।