मोहाली की युवती को नोएडा में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़ित युवती ने प्रेमी पर अपने दो दोस्तों से सामूहिक दुष्कर्म कराने का आरोप लगाया है।
युवती की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने आठ अक्तूबर को जीरो एफआईआर दर्ज कर कोई कार्रवाई नहीं की। वह पंजाब पुलिस को मामला भेजने की कोशिश में थी। आखिर में डीआईजी के निर्देश पर बुधवार शाम मामला दर्ज किया गया है।
नोएडा पुलिस ने नहीं माने नियम
न्यायपालिका की गाइड लाइंस के मुताबिक चाहे किसी भी थाने का मामला हो दुष्कर्म पीड़ित की थाने से जीरो एफआईआर दर्ज कर तुरंत उसका मेडिकल कराया जाता है, लेकिन इस मामले में आठ अक्तूबर को जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने अब तक पीड़ित का मेडिकल नहीं कराया है। अब युवती को उसके घर से बुलाकर मेडिकल कराया जाएगा।
शादी का दबाव बनाने पर धमकाता था प्रेमी
जानकारी के अनुसार, मूलरूप से बरेली की रहने वाली युवती पंजाब के मोहाली में रहती थी और वहीं एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि वर्ष 2012 में करण नाम के युवक से उसकी दोस्ती हुई थी। तब से दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
इस दौरान प्रेमी शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म करता रहा। आरोप है कि शादी के लिए दबाव बनाने पर युवक उसे कभी समझाकर तो कभी धमकाकर चुप करा देता था।
सितंबर 2014 में वह प्रेमी के साथ नोएडा के सेक्टर-41 के जे ब्लॉक स्थित कोठी में आई थी। इस दौरान उसे कोठी में बंधक बनाकर रखा गया और प्रेमी के दो दोस्तों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान वहीं रहने वाली दो महिलाओं पर भी उसने आरोपियों का साथ देने का आरोप लगाया।
दो महीने तक नहीं हुई सुनवाई
आरोपियों के चंगुल से छूटकर आई युवती ने सेक्टर-39 थाने में शिकायत दी। आठ अक्तूबर 2014 को पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला पंजाब पुलिस को भेजने के लिए डीआईजी ऑफिस भेजा।
मेरठ रेंज डीआईजी द्वारा नोएडा पुलिस को यह कहकर मामला वापस भेज दिया कि जब सामूहिक दुष्कर्म नोएडा में हुआ तो जांच भी वहीं होनी चाहिए। उन्होंने संज्ञान लेकर नोएडा पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।
जिसके बाद बुधवार रात थाना सेक्टर-39 में आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, बंधक बनाने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया गया है। मामले में अन्य दो महिलाओं पर भी षड्यंत्र में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है।