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गैंगरेप पीड़िता ने केस वापस न लिया तो आरोपियों ने की हैवानियत की हदें पार

Sat, 13 Aug 2016 08:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर/जगाधरी वर्कशाप।
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गैंगरेप कर निजी अंगो से की छेड़छाड़ - फोटो : ANI
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गैंगरेप पीड़िता ने केस वापस न लिया तो आरोपियों ने घर में घुसकर नाजुक अंगों पर इंजेक्शन लगाए और सुसाइड नोट लिखवाकर जहर खिला दिया।
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घटना, यमुनानगर की है। थाना फर्कपुर क्षेत्र के एक गांव में गंभीर हालत में पीड़िता को परिजन ट्रामा सेंटर ले गए, जहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। बीती 22 जुलाई को ही पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया था।

दलित समाज की पीड़िता ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान तीन युवक आए और उसे सामूहिक दुष्कर्म का केस वापस लेने के लिए धमकाने लगे। उसने इंकार कर दिया तो आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और जबरन नाजुक अंगों पर इंजेक्शन लगाए।
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इसके बाद उन्होंने उससे सुसाइड नोट भी लिखवा लिया और इंजेक्शन से जहरीला पदार्थ पिला दिया, इससे वह बेसुध हो गई। आरोपी उसे मरा समझकर फरार हो गए। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार, अनिल कुमार व सुनील कुमार के खिलाफ कस दर्ज कर लिया है।
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दो साल पुराना है मामला

महिला से गैंगरेप
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने बीती 22 जुलाई को गैंगरेप का केस दर्ज किया था। हालांकि वारदात दो साल पहले हुई थी। पीड़िता ने शिकायत दी थी कि दो अक्टूबर 2014 को परिवार के सदस्य बाहर गए हुए थे और वह घर पर अकेली थी। इस दौरान अंजना और मीना उसके घर आ गई।

कुछ देर बाद दोनों ने अपने जानकर मोनू, राजिंद्र, राजेश, सुनील और राजिंद्र को भी बुला लिया। आरोपी उससे छेड़छाड़ करने लगे। विरोध करने पर आरोपी उसे कमरे में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। करीब दो साल तक उसने यह बात किसी को नहीं बताई।
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