दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की स्टाफ नर्स से सामूहिक दुराचार के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गैंगरेप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी ने नर्स को पेशेवर बताते हुए कहा कि उनकी पहले से जान पहचान थी और नर्स रात के पांच हजार रुपये तय करके उसके पास आई थी।
इस मामले की जांच मानसा की डीएसपी गुरमीत कौर को सौंप दी गई है। बुढलाडा सदर पुलिस ने दो आरोपियों को काबू करके अदालत से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
पीड़िता के बयान बुधवार को बुढलाडा की अदालत में दर्ज हो गए। पुलिस के मुताबिक पीड़िता सहमी हुई है। दो अज्ञात आरोपियों की पहचान अभी बाकी है।
आरोपी दो दिन के पुलिस रिमांड पर
दिल्ली गैंगरेप पीड़िता निर्भया के इलाज में सहायता करने वाली उक्त स्टाफ नर्स के बयान के आधार पर सदर बुढलाडा की पुलिस ने बलविंदर सिंह उर्फ राजवीर सिंह उर्फ काला व लखविंदर सिंह उर्फ लख्खी उर्फ दीपक निवासी गांव हसनपुर को काबू कर लिया।
अदालत ने दोनों को दो दिन का पुलिस रिमांड दे दिया है। पुलिस ने दो अज्ञात व्यक्तियों पर भी मामला दर्ज किया है जिनकी पहचान व तलाश करने के लिए एसपी रघुवीर सिंह, डीएसपी गुरमीत कौर की अगुवाई में एक टीम बनाई गई है।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, जुटाए सुबूत
पुलिस टीम ने बुधवार गांव हसनपुर में घटनास्थल का जायजा लिया और इस मामले के तथ्य भी जुटाए। डीएसपी राजवीर सिंह बोपाराय ने बताया कि पीड़ित नर्स अभी काफी घबराई हुई है। उससे पूछताछ के बाद और परतें खुल सकती हैं।
मामले से जुड़े अन्य व्यक्ति भी सामने आ सकते हैं। वुमन सेल की इंचार्ज जसविंदर कौर ने बताया की पीड़िता को बुढलाडा की अदालत में पेश किया गया था जहां उसने बयान दर्ज करवाए हैं और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।