चंडीगढ़ की धनास कॉलोनी में शनिवार रात नकाबपोश हमलावरों ने घर में बैठे चार दोस्तों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से सुनील नामक युवक घायल हो गया। उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया है। वहीं, उसका साथी अमरजीत सिंह उर्फ तोता बाल-बाल बचा। पुलिस को शक है कि हमला गैंगवार का नतीजा है और असल निशाना अमरजीत ही था।
पीड़ित अमरजीत ने बताया कि रात करीब साढ़े 9 बजे वह अपने दोस्तों सुनील, अमित और अभिषेक के साथ घर पर बैठा था। इसी बीच 15-20 नकाबपोश कार सवार बदमाशों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। उसने तुरंत दरवाजा बंद कर जान बचाई। इस बीच खिड़की पर लगी फाइबर शीट को चीरती हुई एक गोली सुनील के हाथ में जा लगी। शोर सुनकर लोग जुटने लगे तो हमलावर फरार हो गए। करीब 5-6 राउंड फायरिंग हुई। इसकी सूचना मिलते ही एसपी सिटी, ऑपरेशन सेल, डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल, इंस्पेक्टर क्राइम सतविंदर सिंह और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस को मौके से एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ। पुलिस ने हमलावरों के पास देसी कट्टा या .30 बोर पिस्टल होने की आशंका जताई है। तीन से चार कारों में आए बदमाशों में से एक बलेनो कार की पहचान हो चुकी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
अमरजीत का भी है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार अमरजीत पर हथियार रखने और मारपीट जैसे कई मामले दर्ज हैं। 2018 में उसके छोटे भाई कुलदीप उर्फ लवकुश की धनास में हत्या हो चुकी है। उसके बाद से अमरजीत आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया। पुलिस को शक है कि हमला इसी रंजिश और गैंगवार के चलते हुआ। अमरजीत ने दावा किया कि हमला एक नेता की शह पर कराया गया है। पुलिस फिलहाल इस एंगल से भी जांच कर रही है।