स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल ने बिना दाखिले से फर्जी सर्टिफिकेट और डिग्रियां देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सेल ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गगनदीन सिंह पुत्र चरणजीत सिंह निवासी गांव रूड़की खाम तहसील खरड़ के रूप में हुई है। उसके पास से पुलिस ने भरे और खाली जाली सर्टिफिकेट, मोहरें और कंप्यूटर सेट बरामद किए गए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी चल रही है। जल्द ही अन्य आरोपी भी पकड़े जाएंगे।
आरोपियों ने इन लोगों को बनाया शिकार
एआईजी/एसएसओसी वरिंदरपाल सिंह ने बताया कि खरड़ के पास गांव टोडर माजरा के निवासी सर्बजीत सिंह, कमलजीत सिंह और गगनदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ ओपन यूनिवर्सिटी के नाम पर पढ़ाई देने संबंधी फीस लेकर बिना दाखिला लिए लोगों को धोखे में रखकर कई प्रकार के फर्जी सर्टिफिकेट और डिग्रियां प्रदान करने पर मामला दर्ज किया है।
दस साल से बेच रहे थे फर्जी डिग्री
आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि अन्य साथियों के संग दस साल से अवैध तौर पर बिना दाखिले के लोगों को काउंसिल ऑफ पैरामेडिकल, पंजाब, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा मैनेजमेंट, पंजाब और बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजूकेशन, यूपी की अलग-अलग ट्रेंड के फर्जी सर्टिफिकेट व डिग्रियां बेचते थे।
41 तरह के करवाते थे कोर्स
फर्जी प्रमाणपत्र
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काउंसिल आफ पैरा मेडिकल नाम से खोला था आफिस
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने काउंसिल ऑफ पैरा मेडिकल एससीएफ 128 दूसरी मंजिल फेज-सात में अपना दफ्तर खोला हुआ था। आरोपियों पर 420, 467, 468, 471 व 120बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था।
41 तरह के करवाते थे कोर्स
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी 41 तरह के कोर्स करवाते थे। जो यह डिप्लोमा करवाते थे, उनकी अवधि डेढ़ साल से चार साल के बीच में होती थी।
पैसे लेते ही थमा देते थे डिग्रियां
आरोपी काफी शातिर थे। पैसे लेते ही वह डिग्रियां पकड़ा देते थे। इतना ही नहीं, जब कोई कहता था कि यह डिग्रियां नहीं चलेंगी। इस दौरान उक्त लोग दावा करते थे कि यह देश में चलने के अलावा विदेश में भी मान्य है।
ठगी का शिकार लोगों की कर रहे हैं पड़ताल
वहीं, पुलिस की टीमें अब ठगी का शिकार हुए लोगों की पड़ताल करने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कई लोगों को ठगा है। ऐसे में कोशिश यही है कि ठगी के शिकार लोगों को इंसाफ दिलाया जा सके।