गमाडा का सीनियर असिस्टेंट 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
विजिलेंस ब्यूरो ने गमाडा के एस्टेट आफिस के सीनियर असिस्टेंट को प्लॉट की एलओआई जारी करने के बदले पचास हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है। आरोपी की पहचान किरन पाल कटारिया के रूप में हुई है। आरोपी को विजिलेंस ने शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया। आरोपी को शनिवार अदालत में पेश किया जाएगा। गमाडा के एस्टेट आफिस में यह दो महीनों में तीसरी गिरफ्तारी है। वहीं, इस गिरफ्तारी के बाद पूरे पुडा भवन में भगदड़ मच गई। कोई भी अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, इस संबंध में विजिलेंस को गांव बाकरपुर निवासी करमजीत सिंह ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि था कि एयरोसिटी में बाउंड्रीवाल बनाने के लिए उनकी इकट्ठी जमीन नारायणगढ़ झुग्गियां में एक्वायर हुई थी। इस जमीन के बदलने उन्होंने लैंड पूलिंग आप्शन चुना था। इसके बाद उन्हें गमाडा की तरफ से 500 वर्ग गज रिहायशी प्लॉट व 60 गज कामर्शियल बूथ की जगह दी जानी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी थी। लेकिन उक्त अधिकारी उनकी फाइल को पास नहीं कर रहा था। वह करीब एक महीने से फाइल को दबाए बैठा था। उसकी दलील थी कि इस काम के लिए उन्हें दो लाख रुपये का भुगतान करना होगा।
करम सिंह ने बताया कि यह राशि बहुत ज्यादा थी। इसी बीच उन्होंने इसे अपनी बातचीत जारी रखी। आखिर में उनकी डील डेढ़ लाख रुपये में गई थी। इसके मुताबिक पचास हजार रुपये उसे पहले देने थे। इसके बाद काम होने पर एक लाख रुपये की अदायगी करनी थी। इसी बीच उसने विजिलेंस को इस संबंधी शिकायत दी थी। विजिलेंस ने पूरी प्लानिंग से आरोपी पर ट्रैप लगाया। काफी दिनों तक उनकी रिकॉर्डिंग तक की गई। इसके बाद शुक्रवार को पूरी प्लानिंग कर उसे रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर भी जेल में
गिरफ्तार
- फोटो : gettty
पहले चपरासी व सुपरिंटेंडेंट पकड़े गए थे
इससे पहले 28 अप्रैल को भी विजिलेंस ने गमाडा के दो मुलाजिमों को पकड़ा था। इसमें एस्टेट ऑफिस के सुपरिंटेंडेंट नरिदरपाल सिंह और एक सेवादार सेवा सिंह शामिल थे। इन्हें विजिलेंस ने 35000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-66 के नसीब सिंह संधू ने शिकायत दी थी। नसीब सिंह को अपने मकान की एनओसी लेनी थी, जिसके बदले में आरोपी 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक सौदा 35 हजार में तय हुआ। आरोपी नरिदरपाल को तीस हजार और सेवादार सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत के साथ गमाडा कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था।
गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर भी जेल में
मई माह में विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर एसपी सिंह उर्फ पहलवान को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने बोगस कंपनियां बनाकर सरकारी खजाने की लूट की थी। इतना ही नहीं उन्होंने राज्य में करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई हुई थी। यह सारी बेनामी संपत्ति उनकी पत्नी, मां और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर थी।