छात्रा के लापाता होने के मामले में सेक्टर-15 स्थित हॉलमार्क स्कूल प्रबंधन का कहना है कि दीक्षा के घर से गायब होने की सूचना स्कूल के पास नहीं थी। दीक्षा के क्लास में लगातार अनुपस्थित रहने पर उसके घर पर स्कूल की ओर से कॉल गई थी। इस पर घरवालों ने बताया कि वह बीमार है। इसलिए वह स्कूल नहीं आ रही है। स्कूल प्रबंध ने सोमवार को बाकायदा बयान जारी कर कहा है कि उन्हें अमर उजाला में प्रकाशित खबर से पता चला है कि दीक्षा 16 जनवरी से घर से लापता है।
तीन नंबर लगा सर्विलांस पर
स्कूल छात्रा के लापता होने के मामले में रविवार से पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अन्य मामलों की तरह इस मामले में भी जांच शून्य है। नाबालिग के घर वालों ने रविवार को शाम पुलिस को तीन मोबाइल नंबर दिए। इसके बाद सोमवार को पुलिस ने तीनों नंबरों को सर्विलांस पर लगाया है। लेकिन अब तक दीक्षा का पुलिस पता नहीं लगा पाई है।
शाम को ट्यूशन जाते वक्त हुई थी लापता
पंचकूला में महफूज नहीं नाबालिग
- फोटो : अमर उजाला
शाम को ट्यूशन जाते वक्त हुई थी लापता
16 जनवरी को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे दीक्षा अपनी बड़ी बहन नेहा के साथ ट्यूशन पढ़ने घर से निकली थी। रास्ते में दीक्षा ने अपनी बड़ी बहन से कहा कि वे मार्केट से कुरकुरे लेने जा रही है। इसके बाद बीच रास्ते में नेहा ट्यूशन के लिए चली गई। जबकि दीक्षा सेक्टर 4 मार्केट की ओर चली गई।
नेहा को लगा कि उसकी छोटी बहन दीक्षा झूठ बोलकर घर वापस चली गई होगी। लेकिन जब नेहा ट्यूशन से घर लौटी तो माता पिता ने नेहा से दीक्षा के बारे में पूछा। लेकिन उसे कुछ भी नहीं पता था। नेहा ने बताया कि रास्ते में वह कुरकुरे खरीदने सेक्टर-4 मार्केट की ओर गई थी। 16 जनवरी को देर रात नौ बजे तक दीक्षा का कुछ पता नहीं चला तो माता पिता ने उसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामला महिला पुलिस थाना को ट्रांसफर कर दिया है।