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Chandigarh News: पीजीआई में छह माह से कर रहा नौकरी, एक बार भी नहीं आया वेतन, अब ठगी का खुलासा

Thu, 27 Jul 2023 12:52 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पीजीआई में जनवरी 2023 में भी नौकरी लगवाने के नाम पर 1.70 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। उस दौरान अनुबंध पर तैनात एक वार्ड सर्वेंट ने नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे। इसका संज्ञान लेकर पीजीआई कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन ने साक्ष्यों के साथ मामले की शिकायत गृह मंत्रालय और विजिलेंस को की थी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीजीआई में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि पीजीआई के ही एक कर्मचारी ने पीड़ित को झांसा देकर 1.20 लाख रुपये ठगे हैं। शिकायतकर्ता ने पीजीआई प्रबंधन को पत्र लिखकर मामले की जानकारी देते हुए अपने पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। उधर, पीजीआई के प्रवक्ता का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।  

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पीड़ित हिमांशु का कहना है कि पीजीआई में हॉस्पिटल अटेंडेंट के पद पर तैनात एक व्यक्ति ने छह महीने पहले कहा था कि वह उसकी नौकरी पीजीआई में लगवा देगा। इसके एवज में उसने 1.20 लाख रुपये नगद लिए थे। इसके बाद उसने उसे एक सिक्योरिटी कंपनी में तैनात बताकर नौकरी पर आने को कह दिया। पीड़ित का कहना हे कि मैं लगातार ड्यूटी पर आ रहा हूं लेकिन मेरी उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही। उसका ओएम सिक्योरिटी का कार्ड भी बनवाया गया है। 

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यही नहीं, पीजीआई स्थित एसबीआई शाखा में उसका खाता तक खुलवा दिया गया है। पैसे लेने वाले ने बोला था कि उसी खाते में वेतन आएगा लेकिन छह महीने में एक बार भी खाते में वेतन नहीं आया। हिमांशु का कहना है कि मुझे छह महीने से लगातार परेशान किया जा रहा है, इसलिए मैंने लिखित शिकायत कर पैसे वापस दिलाने और नौकरी देने का अनुरोध किया है। 

पहले भी हो चुकी है ठगी 

पीजीआई में जनवरी 2023 में भी नौकरी लगवाने के नाम पर 1.70 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। उस दौरान अनुबंध पर तैनात एक वार्ड सर्वेंट ने नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे। इसका संज्ञान लेकर पीजीआई कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन ने साक्ष्यों के साथ मामले की शिकायत गृह मंत्रालय और विजिलेंस को की थी। उस दौरान मामले की जांच के लिए पीजीआई प्रशासन ने एक कमेटी का गठन किया था लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है।
 
फिलहाल मामले की जानकारी मुझे नहीं है। संबंधित शाखा से इस संबंध में जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। -कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई।
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