जालंधर में ठग युवक पिता के साथ गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
एनआरआई लोगों के क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की डिटेल हैक करके लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। जालंधर पुलिस ने 22 साल के युवक को उसके मामा और दोस्त समेत गिरफ्तार कर लिया है। इसी मामले में आरोपी युवक का पिता फरार है।
पुलिस के मुताबिक, 22 साल का युवक बलजीत सिंह गिरोह का सरगना था। वह गांव कोटलाहेरा का रहने वाला है और अमेरिका से पढ़ाई करके लौटा है। बलजीत जालंधर में अपने दोस्त अमृतपाल सिंह निवासी गांव धन्नोवाली, मामा जसवीर सिंह और पिता गुरनीत सिंह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देता था। अमृतपाल आलू का व्यापार करता है।
बलजीत ऐसे बना गिरोह का मास्टरमांइड
2003 में बलजीत जब 14 साल का था, तब उसने पासपोर्ट में पिता की जगह ताया का नाम लिखवा दिया और दुबई चला गया। 2004 में बलजीत का ताया अमेरिका में बस गया तो बलजीत भी अमेरिका चला गया। वहीं, रहकर बलजीत ने 12वीं की पढ़ाई की। यहां बलजीत की दोस्ती एक नाइजीरिया युवक अमोलो से हो गई। अमोलो अमेरिका में लेपटॉप और मोबाइल चोरी करने का काम करता था।
बलजीत अमोलो को उन्हें बेचने में मदद करता था। इसके बाद बलजीत न्यूमैक्सी शहर चला गया और एक विदेशी लड़की से शादी कर ली। बलजीत का तलाक हो गया और वह पंजाब वापस आ गया। पंजाब आने का बाद भी बलजीत और अमोला की दोस्ती कायम रही। इसके बाद बलजीत ने अपने दोस्तों और मामा व पिता के साथ मिलकर इस गोरखधंधे का काम शुरू किया।
बलजीत अमेरिकी दोस्त से मिलकर चलाता था गिरोह
जालंधर में ठग युवक पिता के साथ गिरफ्तार
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अमोलो एनआरआई लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल हेक कर बलजीत को पंजाब भेजता था। यहां पर फर्जी तरीके से एक कार्ड बनाकर बलजीत वेस्टर्न यूनियन साइड पर ऑनलाइन रुपए निकाल लेते थे।
दरअसल, विदेश में पैसा जमा कराने वाले को कंपनी उसके पासवर्ड के तौर पर एक नंबर देती है। यह नंबर उसे भेजा जाता था, जिसे पैसे भेजने होते हैं। बलजीत और अमोलो इसी सीक्रेट नंबर के जरिए पैसा खुद निकाल लेते थे।
ये एक पासवर्ड पैसे निकालने के लिए एक मात्र जरिया होता है। क्योंकि ये पासवर्ड उस व्यक्ति को ही दिया जाता है जो पैसा जमा करता है। यहां पर पैसा लेने जाने वाले को अपनी आईडी और वह नंबर बताना होता है। जो बलजीत फैक आईडी के जरिए आसानी से कर लेता था।