पंजाब के पूर्व डीजीपी से पचास लाख ठगी करने वाले कांग्रेस के पूर्व यूथ प्रधान विजय पाल सिंह उर्फ डिंपी नगदी वापिस देने के लिए तैयार हो गया है।
सिविल जज शिल्पी की अदालत में मंगलवार को पुलिस ने आरोपी विजय पाल सिंह उर्फ डिंपी को पेश किया गया। डीजीपी की तरफ से पेश हुए वकील ने मामले से जुड़े सारे सबूत अदालत में पेश किया।
इसके बाद डिंपी नगदी देने को तैयार हो गया। डिंपी ने अदालत से कहा कि बुधवार सुबह 11 बजे 50 लाख रुपये का ड्राफ्ट डीजीपी की पत्नी के नाम दे दिया जाएगा।
वहीं मामले में पूछताछ के लिए रिमांड हासिल करने के लिए पुलिस द्वारा दायर अर्जी पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरूण सिंगल की अदालत जिरह हुई।
पुलिस ने अदालत से कहा कि डिंपी ने एग्रीकल्चर जमीन दिलाने केनाम पर डीजीपी से पचास लाख रुपये ठगी की है। इसका सारा रिकार्ड पुलिस के पास है।
उन्होंने कहा कि डिंपी को कोई भी कार्डियोलोजी बीमारी नहीं है। वह रिमांड से बचने के लिए बहाना बना रहा है। पुलिस ने पीजीआई की रिपोर्ट भी अदालत को दिखाई।
अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को बुधवार के लिए नोटिस कर दिया। बुधवार को पुलिस डिंपी को अदालत में पेश करेगी।
यह है मामला
पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क ने बीती चार जनवरी को सेक्टर-3 थाने में डिंपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज करवाई थी।
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मामले के अनुसार विर्क ने चंडीगढ़ के आसपास एग्रीकल्चर जमीन खरीदने के लिए डिंपी से संपर्क किया था। डिंपी ने उनसे बयाने के रूप में 50 लाख का चेक लिया और उसे कैश करवा लिया।
काफी समय तक जब डिंपी ने जमीन नहीं दिलवाई तो विर्क ने उससे रुपये वापस करने को कहा। इस पर डिंपी ने इंकार कर दिया। तब उन्होंने इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस टीम ने पांच अप्रैल को सेक्टर-40 से डिंपी को गिरफ्तार किया था।