सेक्टर-9डी स्थित कंपनी नेक्टर लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड की कार हड़पने के मामले में आरोपी सीबीआई इंस्पेक्टर रविंदर सिंगला और सहआरोपी प्रमोद कुमार गुप्ता उर्फ गौतम शर्मा को दिल्ली सीबीआई ने सोमवार को चार दिन का रिमांड समाप्त होने पर सीजेएम कोर्ट में पेश किया। दोनों के खिलाफ सीबीआई ने भ्रष्टाचार अधिनियम समेत आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
सीबीआई वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जांच के दौरान गौतम के पास से एक लैपटॉप बरामद हुआ है। इसमें दोनों आरोपियों की बातचीत की एक हजार से अधिक रिकार्डिंग मिली हैं। सीएफएसएल के सहयोग से लैपटॉप के हार्ड डिस्क की एक कॉपी मिली है। इसलिए दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी जरूरी है।
साथ ही कुछ और लोगों से भी दोनों का कंफ्रंटेशन कराना है। इस आधार पर सीबीआई वकील ने दोनों की रिमांड अवधि चार दिन और बढ़ाने की अपील की। वहीं बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट एएस सुखीजा ने कहा कि लैपटॉप से जो भी रिकार्डिंग मिली हैं, सीबीआई ने उनकी कोई सीएफएसएल रिपोर्ट पेश नहीं की है।
इनकी सीएफएसएल जांच के लिए लंबा समय चाहिए। साथ ही अब आरोपियों से कोई रिकवरी भी नहीं होनी है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई की रिमांड अवधि बढ़ाने की अपील खारिज कर दी। साथ ही दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया।
इससे पहले 25 मई को दिल्ली सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने इंस्पेक्टर सिंगला को सेक्टर-30 स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया था। वहीं गौतम शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। दोनों को सेक्टर-9डी स्थित नेक्टर लाइफ साइंस लिमिटेड के असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एचआर एवं मैनेजमेंट) टीके शर्मा की 24 मई को दी गई शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने इनके खिलाफ केस दर्ज किया था। दायर केस के मुताबिक कंपनी की कार को सिंगला ने जुलाई 2015 से एक साल तक अपने कब्जे में रखा था और कंपनी के मांगने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी। सीबीआई को सेक्टर-30 स्थित कार्यालय से ही उक्त कार बरामद हुई थी।
जांच में नहीं कर रहे सहयोग
सीबीआई वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे हैं और सही तथ्य नहीं बता रहे हैं। ऐसे में सही तथ्य जुटाने के लिए उनका कुछ लोगों से आमना-सामना करवाना है। जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सके। साथ ही कुछ अज्ञात लोगों की भी भूमिका सामने लानी है।