जीएमसीएच-32 में बर्थ सर्टिफिकेट में हेराफेरी कर जूनियर लैबोरेटरी टेक्नीशियन की नौकरी पाने का एक मामला सामने आया है। जीएमसीएच-32 की ओर से गठित जांच कमेटी ने पाया कि सेक्टर-19 निवासी पवनदीप चावला ने अपने बर्थ सर्टिफिकेट में एक साल उम्र घटाई। इसके बाद उसने सेलेक्शन कमेटी के सदस्यों को आंखों में धूल झोंककर नौकरी प्राप्त की।
जांच कमेटी की शिकायत पर सेक्टर 31 पुलिस थाना ने पवनदीप के खिलाफ आईपीसी 420, 467, 468 और 471 की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साल 2007 में जूनियर लैब टेक्नीशियन की पोस्ट के लिए विज्ञापन निकाला गया था। पवनदीप चावला ने इस पोस्ट के लिए आवेदन किया।
स्क्रूटनी कमेटी ने जांच में सभी कागजात सही पाए और चावला की पोस्टिंग को हरी झंडी दे दी। इसके बाद साल 2011 में रहने वाले एम सिंह ने जीएमसीएच-32 में शिकायत की कि पवनदीप प्राइवेट लैब संचालित करता है और उसने अपने जन्म सर्टिफिकेट में भी हेराफेरी की है। शिकायत मिलने के बाद जांच की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तीसरी शिकायत पर हुई कार्रवाई
करीब एक साल बाद फिर से मिस्टर सिंह ने चंडीगढ़ प्रशासन को पवनदीप के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि पवनदीप ने जब इस पोस्ट के लिए अप्लाई किया था, तब वह ओवरएज था। उसने बर्थ सर्टिफिकेट से एक साल उम्र कम कर दी है।
उसके बाद भी एक जांच कमेटी बनाई गई, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीसरी बार वीबी खन्ना की ओर से शिकायत दी गई। उसके बाद इस मामले को देखने के लिए फार्माकोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी सीएस गौतम के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई। इसके बाद जांच में यह मामला सामने आया था।
जन्म था 1981 का कर दिया 1982
जांच कमेटी ने पवदीप चावला के दसवीं के सर्टिफिकेट को अजमेर स्थित सीबीएसई बोर्ड में भिजवाया। वहां से आई रिपोर्ट में बताया गया कि उसके सर्टिफिकेट में जो बर्थ डेट लिखी गई, वह उनके रिकार्ड में मैच नहीं करती।
उनके रिकार्ड के मुताबिक पवनदीप की जन्मतिथि 1981 है, जबकि अप्वाइंटमेंट के दौरान जो सर्टिफिकेट पेश किया गया उसमें जन्मतिथि 1982 है। जांच कमेटी ने जांच में माना कि चावला ने अपने सर्टिफिकेट में जन्मतिथि के कॉलम में ओवराइटिंग की है। जीएमसीएच 32 की शिकायत पर सेक्टर 31 थाना पुलिस ने उसके खिलफ केस दर्ज कर लिया।