पुलिस का दावा है कि वहां उनके पास 25-30 युवक बैठे थे। जिनसे आरोपियों ने कहा था कि उनकी पुलिस भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी ले ली है। उनके साथी गांव बजाना निवासी संदीप का मैसेज आते ही वह उन्हें परीक्षा करने का तरीका बता देंगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया और परीक्षार्थियों को परीक्षा का समय होने के कारण वहां से भेज दिया गया। पुलिस ने उनकी गाड़ी के अंदर से प्रिंटर भी बरामद किया है। जिसमें वह एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी निकाल रहे थे।
पुलिस ने गिरफ्तार कर कुलदीप के बयान पर उनके खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत व षड्यंत्र का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को रविवार शाम अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उनसे ठगी करने के बारे में पता लगाया जाएगा। मौके से गिरफ्तार किया गया जतिन सीआरपीएफ में एसआई है। उसे आरोपियों के साथ काबू किया गया है। पुलिस उसके बारे में जांच कराएगी कि उसकी मामले में क्या संलिप्तता है। उसके आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में होगा खुलासा किस युवक से कितने पैसे लिए
पुलिस ने बताया कि अभी तक यह पता नहीं लग सका है कि आरोपियों ने किस युवक से कितने पैसे लिए हैं। फिलहाल इतना पता लगा कि आरोपियों ने परीक्षार्थियों से पास कराने के नाम पर 6 से 10 लाख में सौदा किया था। साथ ही यह भी पता लगा कि कुछ युवकों से एक से दो लाख रुपये लिए गए हैं। हालांकि इसका पता उन परीक्षार्थियों से पूछताछ के बाद चल सकेगा, जिनके एडमिट कार्ड इनके पास से मिले हैं।
सीआईए-2 की टीम ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। वह युवकों से पुलिस भर्ती परीक्षा पास कराने के नाम पर रुपये ऐंठने का षड्यंत्र रच रहे थे। उन्हें रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा। परीक्षार्थियों से कितना पैसा लिया गया है इसका भी पता लगाया जाएगा। - कुलदीप देशवाल, थाना प्रभारी राई।