बिना इंडीकेटर जलाए खड़े एक ट्रक ने चार दोस्तों की जिदंगी एक झटके में खत्म कर दी। घटना के बाद सभी के परिवार में मातम पसरा हुआ है। घटना हरियाणा के झज्जर की है। यहां के ग्वालीसन गांव के पास खड़े ट्रक में इको गाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में इको गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी में सवार चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सामान्य अस्पताल में लाया गया। यहां चिकित्सकों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद दो युवकों को इलाज के लिए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली के जहांगीरपुरी निवासी चार दोस्त प्रमोद पुत्र रामशरण, सोनू पुत्र श्योदान, संजय पुत्र परसराम व संजय पुत्र संतलाल इको से 30 अगस्त को खाटू श्याम व सालासर बालाजी के दर्शन करने घर से निकले थे। खाटू श्याम से सालासर दर्शन करने के बाद वे वापस दिल्ली लौट रहे थे। ग्वालीसन गांव के नजदीक पहुंचे तो एक ट्रक बिना इंडीकेटर जलाए सड़क पर खड़ा था। इससे उनकी गाड़ी की टक्कर हो गई। टक्कर में चारों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने चारों को सामान्य अस्पताल झज्जर में भर्ती करवाया। यहां सोनू व प्रमोद को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं दोनों संजय को रोहतक पीजीआई ले जाया गया। दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के बयान पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
हर माह धार्मिक यात्रा पर निकलते थे चारों दोस्त
Road ACCIDENT
हादसे में काल का ग्रास बने चारों दोस्त हर माह धार्मिक यात्रा पर निकलते थे। चारों दोस्त करीब 15 वर्ष से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शव लेने के लिए परिजनों के साथ आए कॉलोनी के लोगों ने बताया कि चारों धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेते थे। हर माह जहांगीरपुरी में ये लोग भंडारा लगवाते थे।
मृतकों का फैमिली प्रोफाइल
प्रमोद पुत्र रामशरण मेडिकल स्टोर चलाता था, जो कि खुद तीन भाई हैं और उसका खुद का छह साल का एक बेटा भी है। सोनू पुत्र श्योदान मोबाइल शॉप चला रहा था, जो कि चार भाई हैं और उसके दो बच्चे हैं। संजय पेशे से एडवोकेट था, जो कि तीन भाई हैं तथा उसके दो बच्चे हैं। हादसे का चौथा मृतक संजय अविवाहित है, जो आरओ वाटर सप्लायर था।
सोनू ने 10 बजे की थी मां से बात
परिजनों से दिन में हुई बातचीत में सोनू ने बताया था कि वे रात के करीब 10 बजे तक दिल्ली पहुंच जाएंगे। जब नहीं पहुंचे तो सोनू की मां ने उसे फोन किया था। फोन पर उसने बताया था कि वह चरखी दादरी के नजदीक हैं, दो-तीन घंटे में पहुंच जाएंगे। इसके बाद जब रात एक बजे तक नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई और फोन किया। फोन अस्पताल में किसी ने उठाया और हादसे के बारे में बताया।
ट्रक चालक द्वारा इंडीकेटर न जलाने के कारण हादसा हुआ है। हादसे में दिल्ली के जहांगीरपुरी निवासी चार दोस्त प्रमोद पुत्र रामशरण, सोनू पुत्र श्योदान, संजय पुत्र परसराम व संजय पुत्र संतलाल की मौत हो गई। शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिए गए हैं और ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। - एचसी प्रदीप, जांच अधिकारी, छुछकवास चौकी