पूर्व अकाली सरपंच बाबा गुरदीप सिंह की फाइल फोटो।
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मजीठा विधानसभा हलके के गांव उमरपुर के पूर्व अकाली सरपंच बाबा गुरदीप सिंह की बुधवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुरदीप सिंह पर हमला उस समय हुआ, जब वह गांव में स्थित गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक कर घर लौट रहे थे। आरोपियों ने 32 बोर की रिवाल्वर से गुरदीप को पांच गोली मारी जो उनकी छाती और मुंह पर लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
बाबा गुरदीप पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के निकट सहयोगी थे। अब उनकी पत्नी गांव उमरपुर की सरपंच हैं। जानकारी के अनुसार गुरुद्वारे से लौटते समय गुरदीप को मोटर साइकिल सवार तीन अज्ञात नौजवानों ने रोका। इसी दौरान एक नौजवान ने 32 बोर की रिवाल्वर से गुरदीप पर फायरिंग कर दी। पांच गोलियां लगने से गुरदीप की मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद हत्यारे फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना मजीठा के एएसआई शविंदर सिंह भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस को 32 बोर रिवाल्वर के पांच खोल बरामद हुए। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी गुरदासपुर के गांव ढिलवां में एक अकाली सरपंच की हत्या कर दी गई थी।
मेरे सहयोगी का सियासी कत्ल हुआ: मजीठिया
बिक्रम मजीठिया ने कहा कि उनके बहुत ही निकट सहयोगी बाबा गुरदीप सिंह का राजनीतिक कत्ल हुआ है। यह कत्ल कांग्रेस की शह पर किया गया है। जिस दिन से गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया व मंत्री सुखजिंदर रंधावा के बीच गठजोड़ बना है, उन्हें भी मारने की धमकियां मिल रही हैं। इस बारे में उन्होंने डीजीपी को भी पत्र लिखा है। जिस तरह से उनके साथियों को निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है यदि वह चुप नहीं बैठे तो अंजाम बुरा होगा।