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हौजरी फैक्टरी में आग, 3 की मौत

Mon, 25 Aug 2014 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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पंजाब के लुधियाना में शिवपुरी में आउटफिट हौजरी फैक्टरी में आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई। मरने वाले तीनों लोग फैक्ट्री में काम करते थे। आग का धुआं देख इलाके के लोगों ने दरवाजा खोलना चाहा, लेकिन उस पर बड़ा ताला लगा होने की वजह से दरवाजा नहीं खुला। लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके।
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सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। उन्होंने लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्टरी में सूचना मिलने के बाद एडीसीपी वन अमरीक सिंह पवार, एसीपी केएस रंधावा, थाना सलेम टाबरी के एसएचओ मनिंदर बेदी पुलिस पार्टी समेत मौके पर पहुंचे। मृतकों की पहचान फैक्टरी में काम करने वाले घुमारमंडी निवासी सूरज (26), काली सड़क निवासी सुंदर लाल (35) और शिवपुरी इलाके में ही रहने वाले राजू (30) के तौर पर हुई है। इसमें थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने फैक्टरी मालिक सुरिंदर सिंह सेठी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे काबू कर लिया है।

ढाई घंटे के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड

किरतवीर आउटफिट में करीब 15 मुलाजिम काम करते हैं। फैक्टरी में सभी मजदूरों की ड्यूटी नौ बजे के करीब शुरू होती है। सूरज, राजू और सुंदर लाल अक्सर ओवरटाइम लगाने के चक्कर में जल्द ही फैक्टरी में आ जाते थे। उनके आने के बाद फैक्टरी मालिक सुरिंदर सिंह मेन गेट को बाहर से ताला लगाकर घर चला जाता था और दोबारा नौ बजे के करीब वापस आकर ताला खोलता था। सोमवार की सुबह करीब सात बजे तीनों फैक्टरी में आए। रोजाना की तरह सोमवार को भी फैक्टरी मालिक सुरिंदर सिंह उन्हें अंदर दाखिल कर बाहर से ताला लगा खुद घर चला गया। फैक्टरी की सीढ़ियों के ऊपर गेट पर भी ताला लगा हुआ था और चाबी सुरिंदर सिंह के पास थी।

इस दौरान अचानक फैक्टरी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। जब तक अंदर काम कर रहे सूरज, राजू और सुंदर लाल को आग के बारे में पता चलता आग काफी फैल चुकी थी। उनका आग पर काबू पाना संभव नहीं था। उन्होंने खुद को बचाने के लिए मेन गेट को खटखटाना शुरू कर दिया, लेकिन किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी।

उन्होंने सीढ़ियों में लगे गेट को भी जोर-जोर से पटका और तोड़ने की कोशिश की, लेकिन तीनों इसमें भी कामयाब नहीं हो सके। इस दौरान इलाके के लोग बी फैक्टरी के बाहर पहुंचे। उन्होंने गेट को खोलने की कोशिश की तो बाहर से ताला लगा देख उन्हें भी मजबूरन पीछे हटना पड़ा। लोगों ने छत पर जाकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की तो वह भी नहीं टूटा।

बचाने के चक्कर में ठेकेदार भी घायल

इलाके में चाय की दुकान चलाने वाले कृष्णा ने कहा कि लोगों ने गली नंबर सात स्थित किरतवीर की दूसरी शाखा में जाकर आग लगने की सूचना दी, लेकिन फैक्टरी मालिक वहां पर भी नहीं था। जब उन्होंने ठेकेदार को सब बताया तो वह तुरंत वहां पहुंचा। उन्होंने ताले तोड़ने के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। कारीगरों को बचाने के चक्कर में जद्दोजहद करने में जुटा ठेकेदार राकेश भी मामूली रूप से घायल हो गया।

उसके बावजूद वह छत पर चला गया। छत पर लगे गेट के ताले को तो वह तोड़ नहीं सका। उसने किसी तरह गेट के कुंडे को तोड़ दिया। जब दरवाजा खोला तो अंदर से एक दम धुआं बाहर निकला। उसने अपनी जान की परवाह किए बगैर कारीगरों को बचाने के लिए अंदर घुस गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उसने अंदर तीनों के शव पाए। फायर कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया।

उसी फैक्टरी में काम करते प्रदीप ने बताया कि होजरी मालिक अक्सर जाते समय मेन गेट को ताला लगा कर चला जाता है। अगर मालिक छत पर लगे गेट को ताला ना लगाता तो कारीगरों की जान बच जाती।
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फैक्टरी मालिक का नंबर लिख कर फेंका बाहर

किरतवीर फैक्टरी में आग लगने के दौरान अंदर फंसे तीनों कारीगरों ने अपनी जान बचाने के लिए पर्ची पर फैक्टरी मालिक का फोन नंबर लिख कर बाहर फेंका। इससे कोई फैक्टरी मालिक को फोन कर इसकी सूचना दे सके। जब इलाके के लोगों ने पर्ची नीचे से उठाकर उस पर लिखा नंबर मिलाया तो वह बंद था। उसके बाद लोग उनकी दूसरी फैक्टरी में सूचना देने के लिए पहुंचे।

फैक्टरी मालिक की गलती से हुआ है हादसा : एसीपी
एसीपी उतरी कुलवंत सिंह रंधावा ने कहा कि उक्त हादसा फैक्टरी मालिक सुरिंदर सिंह की गलती की वजह से हुआ है। अगर उन दोनों में से एक ताले की चाबी किसी कारीगर को दे जाते तो हादसे में मरने वालों की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार उसे अदालत में पेश कर दिया जाएगा।
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