प्रदेश के अन्य जिलों की तरह नाबालिगों की गुमशुदगी पर पठानकोट पुलिस ने भी चुप्पी साधे रखी। अब सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस एक ही रात में विभिन्न थानों में चार नाबालिगों के गायब होने की एफआईआर दर्ज कर जान छुड़ाने में जुट गई है। इन मामलों में पीड़ित एक साल तक पुलिस थानों के चक्कर काटते रहे लेकिन पुलिस हीलाहवाली करती रही।
पहला मामला
गांव खानपुर के जसपाल सिंह ने 22 मई 2013 को शिकायत दी थी कि उनका बेटा रोहित (16) 20 मई 2013 को मानसिक तनाव से ग्रस्त होने के घर से चला गया था लेकिन वापस नहीं लौटा।
उन्होंने ममून कैंट पुलिस के पास इसकी शिकायत भी दी लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। अब जाकर पुलिस थाना सदर में जसपाल सिंह की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।