फतेहगढ़ साहिब की बस्सी पठाना पुलिस ने महिला अकाली दल फतेहगढ़ साहिब की प्रमुख सचिव और उनके पति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। ये मामला विजय कुमार निवासी सर्राफा बाजार बस्सी पठाना की शिकायत के आधार पर गत 6 अक्तूबर 2018 को दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान इंदिरा शाही पत्नी सतिंदर शाही निवासी बहलोलपुरी बस्सी पठाना के तौर पर हुई है।
मामले में शिकायतकर्ता विजय कुमार ने 6 अगस्त 2018 को एसएसपी अलका मीना को शिकायत सौंपी थी। दो महीने चली जांच के बाद 6 अक्तूबर को दंपति पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया। शिकायतकर्ता विजय कुमार के अनुसार बस्सी पठाना में उसकी मलकियत वाली जमीन है, जिसके कागजात नगर काउंसिल में दर्ज हैं और उसके पास नगर का टीएस-1 फार्म, 1994-95 के प्रापर्टी टैक्स का नोटिस और वाटर सप्लाई के बिल भी मौजूद हैं। इस जगह पर वह 1983 से 2007 तक किराना की दुकान कर चुका है। इसके बाद बीमार रहने के कारण दुकान बंद कर दी थी।
2017 में उसने काउंसिल से एनओसी लेकर जमीन अपने बेटे पंकज कुमार के नाम करा दी। पंकज ने 31 जुलाई 2018 को काउंसिल के पास टैक्स भी भरा। स्थिति उस समय पेचीदा हो गई जब वह प्लाट की सफाई कराने लगे तो इंदिरा शाही और उसके पति सतिंदर शाही ने प्लाट में सफाई न करने के लिए यह कहकर रोक दिया कि ये हमारी जगह है।
पुलिस की गई जांच में जब नगर काउंसिल का रिकार्ड खंगाला तो इंदिरा शाही और सतिंदर शाही ने प्रदीप कुमार की जमीन धोखे से अपने नाम करा ली थी। यहीं नहीं जमीन के साथ काउंसिल के सभी बिल और कागजात से भी छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने दोनों खिलाफ 6 अक्तूबर को धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दोबारा जांच की करेंगे मांग
महिला अकाली दल की जिलाध्यक्ष मनप्रीत कौर हुंदल ने बताया कि इंदिरा शाही उनकी पार्टी में बतौर प्रमुख सचिव हैं। वह अपनी तरफ से एसएसपी और डीसी से मामले की दोबारा जांच की मांग करेंगे। अगर जांच में दोषी पाया गया तो पार्टी के आदेश पर पद से निरस्त किया जा सकता है।