पहले तो जाली अफसर ने बात करने से मना कर दिया। लेकिन जब वह माना तो दुकानदार ने उसे किसी तरह से शिवपुरी बुला लिया जिससे वहां बैठ कर बात की जा सके। मामला सेट होते देख जाली अधिकारी सलेम टाबरी पहुंच गया। उसका साथी भी वहां उसी के साथ चला गया। दुकानदार ने जब उससे बात की तो जाली अधिकारी की जुबान लड़खड़ा गई।
वह खुद को फूड सप्लाई और कभी फूड सेफ्टी विभाग का बताने लगा। जिस पर दुकानदार को उस पर शक हो गया। उसने आरोपी से पहचान पत्र मांगा। जिसके बाद आरोपी वहां से निकलने की कोशिश में जुट गया। लेकिन दुकानदारों ने उसे घेर लिया और पहचान पत्र की मांग की। इस दौरान उसके कब्जे से जाली पहचान पत्र भी मिला।
दुकानदारों का आरोप था कि आरोपी अलग अलग विभागों का खुद को अधिकारी बताता था और हर जगह रौब डालने के लिए घुस जाता था। जिस व्यक्ति से पैसे ऐंठे जाते थे वहां से पैसे ऐंठ कर फरार हो जाता था। दुकानदारों ने आरोपी को काबू कर थाना सलेम टाबरी पुलिस को बताया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। थाना सलेम टाबरी के एसएचओ इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।