फर्जी तरीके से आंखों का अस्पताल चलाने और करोड़ों रुपये की ठगी कर लापता होने से चर्चा में आया फर्जी डॉक्टर आखिरकार पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
सेक्टर-20 स्थित शुभम अस्पताल का संचालक संदीप शर्मा भगोड़ा घोषित हो चुका था और इन दिनों वह दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में था। पंचकूला पुलिस को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली, उसे प्रोडक्शन वारंट पर पंचकूला लाया गया।
वीरवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया गया।
30 जनवरी 2008 को तत्कालीन सिविल सर्जन की शिकायत पर सेक्टर-20 स्थित शुभम अस्पताल में रेड हुई थी। आरोप थे कि आंखों के इस अस्पताल के संचालक संदीप शर्मा के पास कोई डिग्री नहीं है, लेकिन वह खुद को डाक्टर बताता है।
वह धड़ल्ले से ऑपरेशन कर रहा है और कैंप भी लगा रहा है। रेड के बाद पुलिस ने संदीप शर्मा को गिरफ्तार कर अस्पताल को सील कर दिया।
ठगी के चार मामले सामने आए थे
इसके बाद सेक्टर-20 से चार ठगी के मामले सामने आए, जिनमें संदीप पर आरोप लगे कि उसने करोड़ों रुपये की ठगी की है।
चंडीगढ़ से भी कई मामले सामने आए, जहां से उसने विभिन्न बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन लिए थे और बैंक के कुछ अधिकारी भी इस मामले में फंसे थे।
हालांकि, इसी साल मई में चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत से संदीप शर्मा व अन्य आरोपी कुछ मामलों में बरी हो गए थे, जबकि पंचकूला में मामले अभी चल ही रहे थे।
इसी बीच संदीप फरार हो गया और कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। भगोड़ा घोषित होते ही पंचकूला पुलिस ने तलाश शुरू की, क्योंकि उसके खिलाफ चार मामले सेक्टर-20 थाने में और दो मामले सेक्टर-5 थाने में दर्ज हैं।
दिल्ली में संदीप पिछले दिनों फर्जी तरीके से ऑडी गाड़ी लेने के मामले में फंसा था। अब पंचकूला पुलिस उसे दिल्ली से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है।