रंगदारी का नेटवर्क ट्राइसिटी में बड़े स्तर पर सक्रिय था और हर महीने लाखों रुपये की वसूली कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को विदेश में बैठा मुकुल राणा ऑपरेट कर रहा था।
चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी में रंगदारी का खुला खेल चल रहा है। सेक्टर-9 स्थित चमनप्रीत उर्फ चिन्नी हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
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मामले में गिरफ्तार आरोपी साहिल से पूछताछ में क्लब संचालकों, होटल कारोबारियों और व्यापारियों से की जा रही रंगदारी वसूली का खुलासा हुआ है।
क्लबों और होटलों से हो रही उगाही
जांच में सामने आया है कि आरोपी शहर के विभिन्न क्लबों और होटलों से गैंगस्टर लक्की पटियाल और प्रिंस के नाम पर रंगदारी मांगते थे। आरोपी खुद को इन गैंगस्टरों का करीबी या भाई बताकर लोगों को डराते थे और हर महीने लाखों रुपये की उगाही करते थे। बुड़ैल और कजहेड़ी इलाके के कई होटल भी इस नेटवर्क के निशाने पर थे, जहां से नियमित रूप से पैसे वसूले जा रहे थे।
मुकुल राणा कर रहा ऑपरेट
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह नेटवर्क ट्राइसिटी में बड़े स्तर पर सक्रिय था और हर महीने लाखों रुपये की वसूली कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को विदेश में बैठा मुकुल राणा ऑपरेट कर रहा था। मुकुल और प्रिंस लक्की पटियाल के करीबी माने जाते हैं। आरोपियों ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें लक्की पटियाल के कई गुर्गें के नाम पुलिस को पता चले हैं। पुलिस इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पूछताछ कर रही पुलिस
पुलिस शहर के क्लब संचालकों और होटल मालिकों को बुलाकर पूछताछ कर रही है। उनसे यह जानकारी जुटाई जा रही है कि उनके पास रंगदारी के लिए किस-किस के फोन आए, कौन लोग खुद को गैंग से जुड़ा बताकर धमकी देते थे । पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और ट्राइसिटी में सक्रिय इस संगठित वसूली रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
मुकुल-राहुल कनेक्शन उजागर, शूटरों को दी गई थी पूरी सपोर्ट
मामले में आरोपी दीपक उर्फ दीपू और साहिल के तार मलोया निवासी मुकुल राणा और राहुल शर्मा से जुड़े पाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार मुकुल विदेश में बैठा है। ये दोनों मुख्य शूटरों राजन उर्फ पियूष पहलवान और प्रीतम को लॉजिस्टिक सपोर्ट, ठहरने की व्यवस्था और आर्थिक मदद पहुंचा रहे थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चिन्नी की हत्या से पहले राहुल शर्मा अपने साथी कमलजीत के साथ कजहेड़ी में शूटरों को हथियार और बाइक मुहैया कराकर आया था। हाल ही में राहुल शर्मा सहित तीन आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
मोबाइल नंबर और कार नंबर गैंगस्टरों को करवाते थे मुहैया
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी क्लब संचालकों के मोबाइल नंबर, लोकेशन और गाड़ियों की जानकारी लक्की पटियाल तक पहुंचाते थे। इसके बाद उन्हें कॉल कर रंगदारी मांगी जाती थी। पैसे न देने पर डराने के लिए फायरिंग तक करवाई जाती थी। नवंबर 2025 में मोहाली के एक होटल कारोबारी से करीब दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम न देने पर सेक्टर-38 स्थित उसके घर पर फायरिंग करवाई गई थी, जिसमें लक्की पटियाल का नाम सामने आया था।
राहुल के जरिये हुई थी लक्की, मुकुल और प्रिंस चौहान से बात
चिन्नी हत्याकांड से पहले दीपक उर्फ दीपू ने मलोया के राहुल शर्मा के मोबाइल से मुकुल राणा, प्रिंस चौहान और लक्की पटियाल के साथ कांफ्रेंस कॉल की थी। दीपू को बताया गया था कि चंडीगढ़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना है। इस दौरान दीपू को हथियार भी दिए गए थे।