सगाई तुड़वाई और कांग्रेसी की बेटी को बहलाकर साथ ले गया। फिर बंधक बनाकर उसके साथ दुराचार किया। मामले में विधायक के भतीजे के खिलाफ केज दर्ज किया गया है। घटना हरियाणा के सिरसा की है। पूर्व कांग्रेसी नेत्री की बेटी के साथ बलात्कार और अपहरण करके जान से मारने की कोशिश करने के मामले में सिरसा पुलिस ने दड़बा से पूर्व कांग्रेसी विधायक के भतीजे अजीत सिंह सहित सात अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
युवती का सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मामले में आरोपी अजीत सिंह पर रेप का आरोप है। मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों पर पुलिस ने अपहरण, जान से मारने की कोशिश का आरोप लगा है। पीड़िता ने महिला अधिवक्ता को दिए बयान में पूर्व विधायक पर भी आरोप लगाए हैं, लेकिन पुलिस ने पूर्व विधायक को नामजद आरोपियों में शामिल नहीं किया है।
सिविल अस्पताल में उपचाराधीन युवती ने महिला अधिवक्ता के समक्ष पुलिस को दिए बयान कहा है कि वर्ष 2016 में उसकी सगाई हुई थी। कीर्तिनगर निवासी अजीत बेनीवाल ने उसकी सगाई तुड़वा दी। इसके बाद वह उसे जबरदस्ती अपने घर ले गया और उसके साथ दुराचार किया। सिरसा से वह उसे जयपुर ले आया। जहां अजीत बेनीवाल ने उससे कहा कि धर्मपरिवर्तन करके वह उसे अपना लेगा। कुछ दिन जयपुर में उसे रखने के बाद अजीत उसे मुंबई ले गया। जहां पर उसने उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवा दिया।
जबरन गर्भपात भी करवा दिया
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शिकायतकर्ता का कहना है कि जब वह गर्भवती हो गई तो अजीत उसे सिरसा ले आया। उसने उसे गर्भपात करवाने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद उसने जबरदस्ती उसका गर्भवात करवा दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने पुलिस में शिकायत देने की बात कही तो उसका अपहरण करके उसे गांव दड़बा ले जाया गया। जहां पर अजीत सिंह व उसके परिवार के लोगों ने उसके साथ मारपीट करते हुए उसे जान से मारने की कोशिश की।
चतुराई से बचाई अपनी जान
शिकायतकर्ता ने अपने बयानों में बताया कि ये लोग उसे जान से मारना चाहते थे। उन्होंने उसे बंधक बनाकर एक कमरे में बंद किया हुआ था। एक दिन जब ये लोग उसे मारना चाह रहे थे तो उसने अजीत से कहा कि मैंने सारी बातें और सबूत ई-मेल पर अपनी सहेली को भेज रखे हैं। अगर तुमने मारा तो इसके बाद सारे सबूत पुलिस और मीडिया में मेरी दोस्त भेज देगी। हत्या के मामले में फंसने के डर से उक्त लोगों ने उसे छोड़ दिया पर उसे कंगनपुर रोड स्थित अपने ठिकाने में बंधक बनाए रखा। 17 फरवरी को बड़ी मुश्किल से इनके चंगुल से बचकर अपने घर पहुंची। इसके बाद मां ने उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया।
ये हैं नामजद आरोपी
इस मामले में सिटी पुलिस ने आरोपी अजीत सिंह, पूनम, जवाहर सिंह, कालू, व मोनू को नामजद आरोपियों सहित दो अन्य के खिलाफ दुराचार, अपहरण, मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया है। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राम सिंह का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।