राहुल और रिक्की घायल, टैक्सी से भागने की कोशिश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल, रिक्की और टैक्सी चालक कुलविंदर उर्फ प्रीत के रूप में हुई है। राहुल और रिक्की के पैर में गोली लगी है, जबकि कुलविंदर को सुरक्षित काबू कर लिया गया।
वारदात के वक्त आरोपी वेगनआर गाड़ी से भाग रहे थे। इस दौरान वरिष्ठ सिपाही मंदीप कुमार ने स्कॉर्पियो कार से आरोपियों की गाड़ी को साइड मारकर रोकने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रविंदर बूरा, मंदीप और नीरज ने मुस्तैदी दिखाते हुए फायर किए, जिसके बाद दोनों आरोपी काबू कर लिए गए। आरोपियों की कार सड़क किनारे पोल से जा टकराई।
टैक्सी से भागने की मिली थी सूचना
जांच में सामने आया कि राहुल की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ था कि राहुल और रिक्की चोरी की एक्टिवा पर फायरिंग कर फरार हुए थे। बाद में एक्टिवा बरामद कर ली गई। जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी टैक्सी में कुलविंदर उर्फ प्रीत के साथ जीरी मंडी की तरफ जा रहे हैं। इसी इनपुट पर क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर मुठभेड़ को अंजाम दिया। टैक्सी चालक को पहले ही काबू कर लिया गया था।
आरोपियों ने डेराबस्सी में एक स्कॉर्पियो कार लूटने की कोशिश भी की थी। जालंधर में एक प्रॉपर्टी डीलर की फॉर्च्यूनर कार पर भी फायरिंग की गई थी। आरोपी लगातार शहर बदलकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
कई कारोबारियों को दी थीं धमकियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई लोगों को धमकी दे चुके थे। इनमें टैक्सी स्टैंड मालिक, केमिस्ट शॉप मालिक और अन्य कारोबारी शामिल हैं। बताया गया कि यह फायरिंग साबा गोबिंदगढ़ के कहने पर की गई थी।
16 जनवरी को हुई थी सेवक फार्मेसी पर फायरिंग
16 जनवरी की रात सेक्टर-32 ई में छोटे चौक के पास स्थित सेवक फार्मेसी पर बदमाशों ने दो से तीन राउंड फायर किए थे। गोलियां सीधे काउंटर पर लगी थीं। काउंटर पर बैठे ऑनर के बेटे ने समय रहते भागकर जान बचाई थी। एक गोली चैंबर में फंस गई थी।
मास्टरमाइंड पहले ही गिरफ्तार
मामले में क्राइम ब्रांच पहले ही राहुल बिष्ट उर्फ डॉक्टर को गिरफ्तार कर चुकी है, जो वारदात स्थल के पास लैब संचालित करता था। आरोपी से पिस्टल भी बरामद की गई थी। शुरू में राहुल खुद को पुलिस की मदद करने वाला बताकर लगातार कॉल करता रहा, लेकिन सख्त पूछताछ में वही पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
आज करनी थी चंडीगढ़ में फायरिंग
पुलिस सूत्रों के अनुसार साबा गोबिंदगढ़ के कहने पर एक टैक्सी स्टैंड मालिक पर फायरिंग की योजना थी। टैक्सी स्टैंड मालिक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। वहीं उसके एक दोस्त (बुडैल निवासी) से भी 50 लाख की मांग की गई थी। कई बार साबा गोबिंदगढ़ ने टैक्सी स्टैंड मालिक को धमकाया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह भी जांच करेगी कि चंडीगढ़ में किन-किन लोगों से रंगदारी मांगी गई थी। कई इमिग्रेशन और केमिस्ट शॉप संचालकों से भी रंगदारी मांगे जाने की बात सामने आई है।