बहादूरके रोड स्थित सब्जी मंडी में दिन-दिहाड़े एक्टिवा सवार एक युवक ने आढ़ती की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुन कर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए लेकिन आरोपी फरार हो गया। मृतक की पहचान करतार नगर के रहने वाले गुरजीत सिंह चौधरी (52) के तौर पर हुई है।
सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर सुखचैन सिंह गिल, एडीसीपी गुरप्रीत सिंह वालियां, एसीपी लखवीर सिंह टिवाण, थाना जोधेवाल और थाना सलेम टाबरी की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची जांच के दौरान पुलिस को मौके से गोली का एक खोल मिला है, जो .32 बोर की रिवाल्वर का था। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है। इस मामले में पुलिस ने गौरव और एक अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक सलेम टाबरी, करतार नगर के रहने वाले आढ़ती गुरजीत सिंह चौधरी की सब्जी मंडी में 37 नंबर दुकान है। जहां वह प्याज की होलसेल ब्रिकी करता है। बुधवार दोपहर गुरजीत चौधरी अपनी दुकान पर ही था। बारिश हो रही थी, वह शैड के पास खड़ा था। इस बीच एक्टिवा पर युवक आया।
उसने गुरजोत को अपने पास बुलाया और कहा है जो करना है कर ले। इसके बाद उसने गुरजोत को गोली मार दी। गोली गुरजोत के दिल में लगी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस को मंडी के अंदर ही एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की एक फुटेज मिली है। फुटेज में नजर आ रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने अपने एक साथी के साथ तीन बार रेकी की थी। वह तीन बार दुकान के पास आया और गुरजोत को देख कर चला गया। वारदात के समय आरोपी अकेला आया था।
गुरजीत के बेटे गौरव ने बताया कि मोहल्ले में ही उसका एक जानकार है, उसका नाम भी गौरव है। वह युवक मंडी में काम करता था, इसलिए उसके साथ जान पहचान हो गई थी। करीब एक साल पहले गौरव धोखे से उसे फिल्लौर ले गया था। जहां उसके साथ मारपीट कर पैसे छीन लिए थे। उसे घायल अवस्था में फिल्लौर छोड़ कर चला गया था।
उसने किसी तरह अपने पिता से बात की। वह मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। उस मामले में गौरव के खिलाफ थाना फिल्लौर में मारपीट, अपहरण और चोरी का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था, लेकिन चार महीने बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था।
गौरव का कहना है कि उनके मामले को करीब एक साल बीत गया है लेकिन थाना फिल्लौर की पुलिस ने अभी तक कोर्ट में चालान पेश नहीं किया था। आरोपी गौरव खुलेआम उन्हें धमका रहा था। दो दिन पहले उसके पिता गुरजीत थाना फिल्लौर गए थे, जहां पुलिस को उनके केस में कोर्ट में चालान पेश करने के लिए कहा था। इस बात का आरोपी गौरव को पता चल गया था। वह उस मामले में समझौता करने के लिए उन्हें धमका रहा था।
जोधेवाल थाना के एसएचओ बीरबाल सिंह ने बताया कि, आरोपी गौरव की गुरजीत सिंह और उसके बेटे गौरव से रंजिश चल रही थी। पहले उन्होंने गौरव पर थाना फिल्लौर में एफआईआर दर्ज करवाई थी। गौरव उस मामले में समझौते का दबाव बना रहा था। गुरजीत समझौते के लिए तैयार नहीं था। इसी रंजिश में गौरव ने गुरजीत सिंह को मार डाला। गौरव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।