इसी दौरान आरोपियों ने उसके पिता से 50 लाख रुपये उधार ले लिए। बाद में लाखों रुपये और भी उधार ले लिए। जब कुछ समय बाद पिता ने पैसे वापस मांगे तो दोनों भाई टाल-मटोल करने लगे। इस पर बुजुर्ग किसान गुरनाम सिंह ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में केस दायर कर दिया। इसी रंजिश में दोनों आरोपी भाइयों ने बुजुर्ग किसान, उसके भाई व भतीजे पर उनकी हत्या करने की कोशिश का आरोप लगाकर झूठा केस डाल दिया।
बाद में यह केस झूठा साबित हो गया और रद्द भी कर दिया गया। बावजूद इसके आरोपियों की ओर से बुजुर्ग किसान को धमकाया जा रहा था कि वह उसके खिलाफ और झूठे केस दर्ज करा देंगे। साथ ही उधार लिए चार करोड़ के करीब की राशि भी वापस करने से मना कर दिया।
इन सबसे तंग आकर बुजुर्ग किसान गुरनाम सिंह ने गांव टोहड़ा के नजदीक ही नहर में छलांग लगा दी। उसका शव हरियाणा से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग किसान की ओर से छोड़े सुसाइड नोट के आधार पर दोनों आरोपी भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।