बलबीर को चार गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर रात को ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से गोलियों के आठ खोल बरामद किए हैं। बलबीर की पत्नी बिमला के बयान पर पुलिस ने गांव के ही 13 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
बिमला ने बताया कि उनके परिवार की गांव के ही कृष्ण के परिवार से रंजिश चली आ रही है। बिमला ने आरोप लगाया कि कृष्ण, परमजीत उर्फ मोनू, कृष्ण की पत्नी, विकास, बिंढरा, योगेश उर्फ बिहारी, सोनू, सुनील, मोनी, साधू का लड़का, रामकंवार, सुनीता व कृष्ण कुमार ने उसके पति की हत्या की है। बिमला की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
गोहाना के सामान्य अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा नहीं होने के चलते शव को पोस्टमार्टम के लिए गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस अस्पताल भेज दिया गया। जहां पर चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया।
मृतक के बेटे की 2017 में हुई थी हत्या, आरोपी पक्ष के तीन लोग भी मारे
बलबीर के बेटे प्रवीन उर्फ बिट्टू की 20 अप्रैल, 2017 को गांव में ही हत्या की जा चुकी है। गांव में वर्चस्व को लेकर खींचतान शुरू हुई और उसके बाद शुरू हुई रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई।
वहीं आरोपी बनाए गए कृष्ण पक्ष के तीन युवकों की दो माह पहले यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में हत्या कर दी गई थी। उन तीनों की हत्या करके शव गाड़ी में डालकर गंगनहर में डाले गए थे। जिसमें बलबीर पक्ष के लोगों पर आरोप लगा था।
बुजुर्ग की गोलियां मारकर हत्या की गई है। उसकी पत्नी के बयान पर दूसरे पक्ष के 13 लोगों पर हत्या व षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रह हैं। संदीप कुमार, एसएचओ, थाना सदर गोहाना