जाट हिंसा में घायल हुए एएसआई ने तोड़ा दम
- फोटो : File Photo
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए एएसआई ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। 20 फरवरी को सर्किट हाउस में उपद्रवियों ने लाठी से पीटकर एएसआई को घायल कर दिया था तब से उनका पीजीआई में उपचार चल रहा था।
जींद रोड स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ एएसआई राजीव को अंतिम विदाई दी गई। झज्जर के गांव जाखौदा वर्तमान में जींद रोड स्थित कॉलोनी निवासी राजीव दलाल (44) हरियाणा पुलिस में एएसआई थे। जाट आरक्षण आंदोलन के समय उनकी ड्यूटी सिविल लाइन थाने में थी। आंदोलन के बाद हुए उपद्रव के दौरान उनकी ड्यूटी सर्किट हाउस में लगा दी गई थी।
राजीव दलाल का काफी समय से पीजीआई में चल रहा था उपचार
जाट हिंसा में घायल हुए एएसआई ने तोड़ा दम
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परिजनों का दावा है कि 20 फरवरी को उपद्रवी जब सर्किट हाउस को आग के हवाले कर रहे थे तो राजीव ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन उपद्रवियों ने उनकी एक न सुनी और लाठियों से पीटने लगे। गंभीर हालत में राजीव को पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
दो महीने बाद उनकी हालत में सुधार हुआ तो वह ड्यूटी पर गए। इसके बाद दोबारा हालत खराब होने पर पीजीआई ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने विभाग से उपचार के लिए करीब 70 दिनों की छुट्टी ली थी। तब से उनका पीजीआई के डॉक्टर इलाज कर रहे थे। बीच-बीच में वह उपचार के लिए पीजीआई जाते रहते थे। परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह उनकी तबियत खराब हो गई। पीजीआई ले जाते समय रास्ते में राजीव ने दम तोड़ दिया।