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3 लोगों की हत्या का आरोप झेल रहे DSP ने खुद को मारी गोली, अस्पताल में भर्ती

Thu, 16 Mar 2017 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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3 लोगों की हत्या का आरोप झेल रहे DSP ने खुद को मारी गोली - फोटो : अमर उजाला
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हांसी में तीन लोगों की हत्या में लगे आरोपों से आहत हरियाणा पुलिस के डीएसपी भगवान दास ने बुधवार खुद को अपनी सर्विस रिवाल्वर से गोली मार ली। गोली डीएसपी भगवान दास के सिर में लगी है। घटना के बाद पुलिस कर्मचारियों ने डीएसपी को तुरंत सेक्टर-21 पंचकूला स्थित एलकेमिस्ट अस्पताल में भर्ती करवाया है।
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सूत्रों के अनुसार डीएसपी ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, लेकिन सुसाइड में क्या है, अभी उसका खुलासा थाना प्रभारी ने नहीं किया। फिलहाल डीएसपी भगवान दास एलकेमिस्ट अस्पताल में वैंटीलेटर हैं। डीएसपी भगवान दास मंगलवार को जीओ मैस में रुके थे। उन पर हिसार में कोई हत्या तिहरे हत्याकांड में आरोप लगे हैं। आरोप लगने के बाद मंगलवार को डीएसपी भगवानदास को हिसार हेडक्वार्टर से पंचकूला ट्रांसफर कर दिया गया था। 

बता दें कि होली के दिन दिन पुरानी रंजिश को लेकर सोमवार सुबह दो गुटों में हुई फायरिंग में तीन की जान चली गई और तीन घायल हो गए। एफआईआर में हिसार में तैनात डीएसपी हेडक्वार्टर भगवानदास सहित 24 लोगों को नामजद करते हुए 28 पर केस दर्ज किया गया।
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मृतक के भाई ने लगाए थे ये आरोप

3 लोगों की हत्या का आरोप झेल रहे DSP ने खुद को मारी गोली
पुलिस ने एएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। नौ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पीड़ित पक्ष डीएसपी की गिरफ्तारी के बाद ही अस्पताल से शव उठाने पर अड़ा रहा। एसपी राजेंद्र मीणा के समझाने पर भी मामला शांत नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बुधवार सुबह 9 बजे तक डीएसपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शवों को आईजी कार्यालय के बाहर रखकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद आरोपी डीएसपी भगवानदास का तबादला पंचकूला मुख्यालय कर दिया। गांव और अस्पताल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया। 

चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा मामला
तिहरे हत्याकांड को चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले साल जनवरी में डीएसपी भगवान दास की बेटी पूजा ने सरपंची के चुनाव में बलबीर प्रधान को हराया था। इसके अलावा दोनों पक्षों में डेरा राजूनाथ के महंत फूलनाथ पर दर्ज हुए मामले को लेकर भी तनाव चल रहा था। 

मृतक के भाई ने लगाए थे ये आरोप
मृतक रामकुमार के बेटे संजय ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे उसका भाई संदीप मुकेश उर्फ किन्नू घर की तरफ रहे थे। रास्ते में दूसरे गुट के संदीप पुत्र सुभाष ने गाली-गलौच करनी शुरू कर दी। लेकिन उसने उसके पिता रामकुमार ने समझाकर दोनों को घर भेज दिया। 
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'परिवार तथा साथियों को खत्म कर दो, बाकी मैं संभाल लूंगा'

DSP Bhagwan dass - फोटो : File Photo
आरोप है कि दोपहर करीब ढाई-तीन बजे संजय अपने भाई अमित,देव,मुकेश उर्फ किन्नू पिता रामकुमार के साथ घर पर बैठे थे। इतने में किसी ने दरवाजा खटखटाया। रामकुमार ने जब दरवाजा खोला तो घर के सामने नीली बत्ती लगी सफेद रंग की कार में डीएसपी भगवानदास बैठे थे। 

आरोप है कि डीएसपी ने कहा कि रामकुमार इसके परिवार तथा साथियों को खत्म कर दो,बाकी मैं संभाल लूंगा। हमलावरों ने राइफल,पिस्तौल,देसी कट्टे से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर बलबीर,भतीजे संदीप,राजेश के अलावा प्रदीप,मुकेश दयानंद भी वहां गए। हमलावरों ने उन पर भी गोलियां चलाईं जिससे मुकेश प्रदीप की मौत हो गई। राजेश,संजय और मुकेश उर्फ किन्नू घायल हो गए। हमलावर बलबीर प्रधान को मारने की धमकी देते हुए चले गए।
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