भारत-पाक के तस्करों का सरहद पर नए-नये तरीकों से स्मगलिंग करने का सिलसिला जारी है। अब लोहे की फट्टी में भरकर ड्रग्स भेजी गई। पाकिस्तानी तस्करों ने ट्रैक्टर में लगने वाली लोहे की राड के बीच हेरोइन भर कर भजी, जिसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), काउंटर इंटेलिजेंस व बीएसएफ के संयुक्त आपरेशन ने दो भारतीय तस्करों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हेरोइन से भरी लोहे की राड फेंसिंग पार खेत से बरामद की है।
एनसीबी ने दोनों तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी नरिंदरपाल सिंह सिद्धू, एनसीबी के डायरेक्टर एमजेएस बोपाराय व एनसीबी के सुपरिंटेंडेंट सचिन गोलारिया ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों देशों के तस्कर किसी नए तरीके से पाकिस्तान से हेरोइन मंगवा रहे हैं। तीनों एजेंसियों ने संयुक्त आपरेशन चलाया और सीमांत गांव बस्ती राम लाल के नजदीक भारतीय तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
शक होने पर सुरक्षा टीम ने ट्रैक्टर पर सवार कश्मीर सिंह पुत्र दारा सिंह वासी बस्ती राम लाल जिला फिरोजपुर व गुरमीत सिंह उर्फ जीता पुत्र बलवंत सिंह वासी बस्ती पोजोके जिला फिरोजपुर को गिरफ्तार किया और इनसे पूछताछ की गई। इन्होंने बताया कि पाकिस्तान से हेरोइन मंगाई है। इनकी निशानदेही पर बीएसएफ की बीओपी बस्ती राम लाल के पास लगी फेंसिंग पार खेत में दबी लोहे की राड (ट्रैक्टर की लिफ्ट वाली फट्टी) जिसमें एक किलो 145 ग्राम हेरोइन भरी हुई थी, उसे बरामद किया।
इस मौके पर बीएसएफ बटालियन-77 के कमांडेंट देस राज, डिप्टी कमांडेंट एसएन दूबे, कंपनी कमांडर मनी केवी, काउंटर इंटेलिजेंस से सब-इंस्पेक्टर रजवंत सिंह, तरलोचन सिंह, जतिंदर सिंहव रोहित उपस्थित थे।
पाक तस्करों ने व्हाट्सएप पर भेजी थी तस्वीर
बॉर्डर पर नशे की तस्करी
एआईजी नरिंदरपाल सिंह सिद्धू ने बताया कि पाक तस्करों ने भारतीय तस्करों को व्हाट्सएप के जरिये तस्वीर भेजी थी कि ट्रैक्टर की लिफ्ट वाली फट्टी में हेरोइन भर कर भेजी जाएगी, ताकि बीएसएफ को पता न चल सके। इस फट्टी के दोनों तरफ बोल्ट नट लगे थे जो आसानी से खुल जाते हैं और बंद भी हो जाते हैं। इसमें एक किलो से डेढ़ किलो तक आसानी से हेरोइन डाली जा सकती है। तस्कर कश्मीर की फेंसिंग पार दो एकड़ और गुरमीत की डेढ़ एकड़ जमीन है, गेहूं की फसल लगाई हुई है, खेती के बहाने हेरोइन की तस्करी करते हैं।
सरहद पर बीएसएफ की पैनी नजर किसानों पर
बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि सरहद पर लगी फेंसिंग के उस पार खेती के लिए जाने वाले किसानों को औजार व यंत्र ले जाने नहीं देते हैं। बीएसएफ ने गेटों पर अपने यंत्र व औजार रखे हैं जो किसानों को देती है। ताकि किसान पाक तस्करों द्वारा हेरोइन से भरे भेजे गए यंत्रों को अपने ट्रैक्टरों के साथ लगाकर न ले आए। कई बार कस्सी की हत्थी के बीच से भी बीएसएफ हेरोइन पकड़ चुकी है।
इसीलिए बीएसएफ छोटे यंत्र अपने तरफ से देते हैं, ताकि खेती कर जब किसान लौटते हैं तो गेटों पर ही यंत्र किसानों से ले लिए जाते हैं। इसीलिए तस्करी करने वाले कुछेक किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बीएसएफ के कमांडेंट देस राज ने बताया कि बीएसएफ ने सरहद पर इतनी चौकसी की हुई है कि तस्करों को हेरोइन लाना मुश्किल हो चुका है। मौजूदा समय में बीएसएफ सभी एजेंसियों के साथ मिल कर तस्करों का सफाया करने में जुटी है।