इंडो पाक बॉर्डर पर अब तक की सबसे बड़ी नशे की खेप पकड़ी गई है, जिसकी कीमत इंटरनेशनल मार्केट में 2 अरब 75 करोड़ रुपये हैं। पंजाब के गुरदासपुर में बीएसएफ की 112 बटालियन के दो जवानों ने यह खेप पकड़ी।
हालांकि तस्कर भाग गए, लेकिन 55 किलो हेरोइन के पैकेट वहीं छोड़ गए। इसके अलावा दो रिवॉल्वर भी मिले हैं। वहीं खेप पकड़ने वाले दोनों जवानों को वीरवार को सीमा सुरक्षा बल के आईजी मुकुल गोयल ने 10 हजार रुपये ईनाम देकर सम्मानित किया।
सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक को इन दोनों जवानों को विशेष सम्मान देने की सिफारिश भी भेजी गई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी मुकुल गोयल ने बताया कि गुरदासपुर सेक्टर में अब तक की यह सबसे बड़ी हेरोइन की खेप पकड़ी गई है।
इस तरह हुई मुठभेड़
स्मगलिंग जोन बना बॉर्डर
आईजी मुकुल गोयल ने बताया कि बुधवार रात सीमा सुरक्षा बल के जवान हरीश कुमार और डी. लोकेंद्र सिंह ने रोसा बीओपी के सामने पाकिस्तान की सीमा की तरफ से कुछ लोगों को भारतीय सीमा मे प्रवेश करते हुए देखा। जब ये लोग नजदीक आए तो तीन तस्करों को एक प्लास्टिक पाइप के साथ आते देख उन्हें दोनों जवानों ने ललकारा और फायरिंग की।
इस दौरान उन्होंने लगभग 20 राउंड फायर किए। इसके बाद तस्कर पाइप आदि छोड़कर अंधेरे में पाकिस्तान की तरफ भाग गए। उन्होंने बताया कि रोसा बीओपी और अंतरराष्ट्रीय सीमा मात्र 300 फुट की दूरी पर है।
बेहतर तालमेल के कारण ही रुकी है घुसपैठ
सेना
आईजी मुकल गोयल ने कहा कि बीएसएफ और गुप्तचर ऐजेंसियों से बेहतर तालमेल के कारण ही पंजाब बार्डर पर घुसपैठ पर रोक लगाई जा सकी है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से घुसपैठ तथा हेरोइन की तस्करी की कोशिश जारी है।
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कितने खालिस्तानी समर्थक शरण लिए हुए हैं, इसकी जानकारी सीमा सुरक्षा बल को नहीं है। इस तरह की जानकारी पुलिस के पास होती है। इस मौके पर डीआईजी आरएस कटारिया, डीआईजी गुरदासपुर सेक्टर रमेश शर्मा सहित गुप्तचर विंग गुरदासपुर के इंचार्ज परमजीत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।